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चीन को अरुणाचल में हिंद की सेना का चैलेंज, सरहद की हद में रहना सिखाएगा हिंदुस्तान

भारतीय सेना पहली बार अपनी नई रणनीति को चीन की सरहद पर हिमालय के पहाड़ों में परख रही है. मकसद दुर्गम हिस्सों में भारतीय सेना को लड़ाई के लिए बिल्कुल तैयार रखना है. 

चीन को अरुणाचल में हिंद की सेना का चैलेंज, सरहद की हद में रहना सिखाएगा हिंदुस्तान
चीन से सटी सीमा पर इस युद्धाभ्यास का नाम 'हिम विजय' रखा गया है.

नई दिल्ली: सीमा पार क्या हो रहा है, क्या रणनीति बन रही है, क्या साजिश रची जा रही है, इस पर खास नजर बनाए रखने की जरूरत है क्योंकि पाकिस्तान (Pakistan) की साज़िश वाली फितरत पर भरोसा नहीं किया जा सकता है. सबसे पहले बात होगी चीन को चेतावनी की. चीन बॉर्डर (Indo-China Border) पर भारतीय शूरवीरों का 'हिम विजय' (Himvijay) युद्धाभ्यास होने वाला है. 

सीमा पार से पाकिस्तान भारत की सीमा में चोरों की तरह घुसपैठ करता है और भारत का दूसरा पड़ोसी चीन (China) आंख दिखाता है. हिंदुस्तान ने दोनों का इलाज ढूंढ़ लिया है. कंगाल पाकिस्तान को और कंगाल बनाना और चीन को उसी की भाषा में जवाब देना. लिहाज़ा चीन बॉर्डर पर भारतीय सेना अब तक की सबसे बड़ी और सबसे नई युद्ध रणनीति का परीक्षण कर रही है. 15 हजार फीट की ऊंचाई पर अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सेना किस तरह नई रणनीति से दुश्मन का मुकाबला करेगी. 

सरहद पर हद में रहना सिखाएगा हिंदुस्तान
चीन ने बीते मंगलवार को अपने 70वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पूरी दुनिया के सामने शक्ति प्रदर्शन किया था. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा था कि उनके देश को कोई नहीं रोक सकता. भारत इससे न तो डरने वाला है और ना ही भारतीय सेना के जवान खौफ में आने वाले हैं. अब भारत अरुणाचल प्रदेश में चीन बॉर्डर के करीब शक्ति प्रदर्शन कर पड़ोसियों को सख्त संदेश दे रहा है.

कामाडोर (रिटा.) जी जे सिंह, रक्षा विशेषज्ञ ने कहा कि ये चीन को चेतावनी नही बहुत बड़ा इशारा है कि ये भारत नया भारत है किसी भी तरह की कमी नही रखी जाएगी. जरूरत पड़ी तो तहस नहस कर दिए जाओगे.

भारतीय सेना पहली बार अपनी नई रणनीति को चीन की सरहद पर हिमालय के पहाड़ों में परख रही है. मकसद दुर्गम हिस्सों में भारतीय सेना को लड़ाई के लिए बिल्कुल तैयार रखना है. इसके लिए सेना ने इंटिग्रेटेड बैटल ग्रुप्स यानि IBG को ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया है. चीन से सटी सीमा पर इस युद्धाभ्यास का नाम 'हिम विजय' रखा गया है. इसमें 17 वें ब्रह्मास्त्र कॉर्प्स को फुर्ती से दुश्मन पर हमला करने वाले सबसे सर्वोत्तम सैन्य बल में बदला जाएगा. 17वें ब्रह्मास्त्र कॉर्प्स कॉर्प्स का हाल ही में गठन किया गया है. ये पहली बार है जब चीन बॉर्डर के पास इस तरह का युद्धाभ्यास हो रहा है.

युद्धाभ्यास में 17 कॉर्प्स के तीन IBG में 5000 जवान. लाइट आर्टिलरी, एयर डिफेंस यूनिट, युद्धक टैंक, और सिग्नल के उपकरण शामिल हैं. युद्धाभ्यास में भारतीय वायुसेना का सी-17 ग्लोबमास्टर-3, सी -130 जे सुपर हर्कुलस और एएन 32 एयरक्राफ्ट जैसे विमान भी शामिल होंगे.

चीन बॉर्डर के करीब युद्धाभ्यास कर भारत चीन को साफ संदेश देना चाह रहा है कि कश्मीर मामले से वो दूर रहे तो बेहतर है. सबसे दिलचस्प बात ये कि ये युद्धाभ्यास तब भी चलता रहेगा जब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग चेन्नई में पीएम नरेंद्र मोदी के साथ मिल रहे होंगे. 

(दिल्ली से रूफ़ी ज़ैदी, जम्मू से राजू केरनी और बेंगलुरू से जयपाल शर्मा)