देश की परमाणु नगरी में खुलेआम बिकती है 'सेना की वर्दी', 500 रुपये में कोई भी बन सकता है सेना का जवान!

सरहद से सटे और परमाणु परीक्षण के बाद विश्व मानचित्र पर उभरे पोकरण पर दुश्मन देश पाकिस्तान की विशेष नजर रहती है.

देश की परमाणु नगरी में खुलेआम बिकती है 'सेना की वर्दी', 500 रुपये में कोई भी बन सकता है सेना का जवान!
पोकरण के बाजार में आपको सेना की वर्दी सिर्फ 500 रुपये में मिल जाएगी

जैसलमेर: परमाणु नगरी के नाम से विश्व विख्यात परमाणु नगरी पोकरण में व्यापारी बेखौफ होकर सेना की वर्दी का सामान बेच रहे हैं. जिससे आम व्यक्ति व संदिग्ध सहित कोई भी इंसान सेना के कपड़े पहन बेरोकटोक प्रतिबंधित क्षेत्र में सेना का जवान बन घूम सकता है. सेना की वर्दी किसी गलत हाथों में पड़ने के नुकसान हम पहले भी देख चुके हैं. गौरतलब है कि सेना की वर्दी पहने शख्स को पहली नजर में सभी सेना का जवान ही मानता है. यही नहीं जब वह कोई संदेहास्पद गतिविधि को अंजाम न दे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी भी उससे पूछताछ करने से कतरा जाते हैं.

कभी भी लग सकती है देश की सुरक्षा में सेंध
सरहद से सटे और परमाणु परीक्षण के बाद विश्व मानचित्र पर उभरे पोकरण पर दुश्मन देश पाकिस्तान की विशेष नजर रहती है. पोकरण क्षेत्र में पाकिस्तानी जासूस व संदिग्धों के पकड़े जाने की खबरें भी आती ही रहती हैं. ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों द्वारा लगातार पकड़े जा रहे पाक जासूस व संदिग्धों के बाद भी लापरवाही बरती जा रही है. यही वजह है कि देश में सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने वाले अधिकारियों की लापरवाही के चलते पोकरण में व्यापारियों को धड़ल्ले से सेना के सामान के साथ-साथ सेना की वर्दी का सामान भी बेचते देखा जा सकता है. सेना की टोपी, चिन्ह, बेल्ट, स्टार सहित सभी सामान आपको यहां बाजार में बेचा जाता मिल सकता है. यही नहीं व्यापारी द्वारा सेना का सामान खरीदने वाले शख्स की न तो जानकारी ली जाती है और न ही उसका आईकार्ड देखा जाता है. कार्रवाई के डर से बेखौफ होकर उसको सामान बेच दिया जाता है. देश की सरहद के नजदीक ऐसी लापरवाही का फायदा आतंकी कभी भी उठा सकते हैं और देश की सुरक्षा में कभी भी सेंध लगा सकते हैं.

500 रुपये में किसी को भी मिल सकती है सेना की वर्दी
जानकारी के मुताबिक सेना की एक अदद वर्दी हासिल करने के लिए आपको ज्यादा कुछ नहीं करना है. पोकरण के बाजार में आपको सेना की वर्दी सिर्फ 500 रुपये में मिल जाएगी. यानि सेना की वर्दी की बाजार की कीमत मानें तो 500 रुपये की वर्दी खरीद कर आप सेना के जवान बन सकते हैं. पोकरण शहर के जयनारायण व्यास सर्किल से फोर्ट रोड की तरफ आने पर ऐसी कई कपड़े की दुकानें मिल जाएंगी जिसमें सेना के जवानों की वर्दी बिकती मिल जाएगी. इन दुकानों पर किसी को भी 500 और 1000 रुपये में ये भारतीय जवानों की वर्दी का कपड़ा किसी को भी मुहैया करवा देते हैं जो नियमों के खिलाफ है. ये दुकानदार भारतीय सेना के लोगो से प्रिंटेड वर्दी को बेखौफ किसी को भी बिना जांच-पड़ताल किए बेच देते हैं.
 
यहां भारी संख्या में तैनात हैं सेना के जवान
पोकरण से सटे खेतोलाई गांव में भी भारतीय सेना के हजारों जवान देश की सुरक्षा के खातिर मुस्तैद हैं. वही खेतोलाई गांव जहां पर 11 व 13 मई 1998 को हुए परमाणु विस्फोट से भारत ने सामरिक क्षमता में अपनी धाक कायम की थी. यदि इन बिना लाइसेंस धारक दुकानदारों द्वारा यह काम ऐसे ही जारी रहा तो कभी भी बड़ा मामला हो सकता है क्योंकि भले ही कोई भी देशविरोधी नागरिक भारतीय आर्मी में न हो लेकिन आर्मी की वर्दी इन बाहर के दुकानदारों से खरीद कर सुरक्षा में सेंध आसानी से लगा सकता है.

केवल जवानों को बेची जा सकती है वर्दी
नियमों के अनुसार सेना की वर्दी केवल उन जवानों के लिए है जो भारतीय सेना में तैनात हैं और देश की खातिर अपनी जान देने के लिए हर समय तैयार रहते हैं. लेकिन ये दुकानदार मोटी रकम ऐंठने के लिए किसी को भी 500 और 1000 में देश के जवान जैसा हू-ब-हू तैयार कर देते हैं. इन दुकानदारों के पास भारतीय सेना के पैंट-शर्ट और जैकेट सहित पूरी वर्दी मिल जाती है. भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे पोकरण में भी भारतीय सेना की टुकड़ी मुस्तैद है जहां पर हजारों की संख्या में आर्मी के जवान रहते हैं. यहां कभी भी बाजार में बिक रही वर्दियों का इस्तेमाल कर आतंकी घटना को अंजाम दिया जा सकता है. प्रशासनिक महकमे के साथ आर्मी के अधिकारियों को भी एक अभियान चलाकर इन दुकानदारों में विरुद्ध कड़ा कदम उठाना चाहिए.

उरी अटैक में हुआ था सेना की वर्दी का इस्तेमाल
आपको याद दिला दें कि 2016 में हुए उरी अटैक में भी आतंकी सेना की वर्दी पहन कर ही आए थे. उरी स्थित सेना के 12वीं ब्रिगेड मुख्यालय पर किए गए उस हमले में करीब 20 जवान शहीद हुए थे जबकि कई जवान घायल हुए थे.