यात्रीगण कृपया ध्‍यान दें, ट्रेन में खाने का बदलने वाला है 'जुगाड़'

हालांकि इस संबंध में प्रतिक्रिया देते हुए रेलवे बोर्ड ने कहा कि पैंट्री कार को हटाने के मुद्दे पर अभी इस तरह का कोई निर्णय नहीं किया गया है.

यात्रीगण कृपया ध्‍यान दें, ट्रेन में खाने का बदलने वाला है 'जुगाड़'
फाइल फोटो

नई दिल्लीः कोरोना वायरस महामारी को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे अब रेल सफर में एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है. एक रिपोर्ट के अनुसार ट्रेन में रेलवे सफर में अब पैंट्री कारों को हटाकर थर्ड एसी कोच को लगाने की प्लानिंग कर रहा है. बता दें भारतीय रेलवे की स्पेशल ट्रेन में सफर करने पर ना तो खाना सर्व किया जा रहा और न ही यात्रियों ओढ़ने के लिए चादर और तकिया दिया जा रहा है. अब खबर है कि ट्रेनों से पैंट्री कारें भी हटाई जाएंगी.

रेल मंत्रालय करीब 300 ट्रेनों में पैंट्री कार को हटाने की तैयारी कर रहा है. इन पैंट्री कारों की जगह पर थर्ड एसी कोच लगाए जाएंगे. इससे यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलने की संभावना बढ़ जाएगी. साथ ही रेलवे की यात्री किराए से कमाई भी बढ़ेगी. 

फूड सर्विस देता है पैंट्री कार कोच
जानकारी के लिए बता दें रेलवे की हर ट्रेन में एक पैंट्री कार का कंपार्टमेंट होता है. दरअसल, यह वो कोच होता है जिसमें यात्रियों के लिए खाना तैयार किया जाता है और सफर के दौरान उन्हें परोसा जाता है. हालांकि कोविड-19 के दौरान चलने वाली ट्रेनों में किसी को फूड मुहैया नहीं कराया जा रहा है. ऐसे में रेल यात्रियों को खाना उपलब्ध कराने के लिए रेलवे अगल सिस्टम तैयार कर रहा है.

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पैंट्री कार हटने के बाद ऐसे मिलेगा ट्रेन में खाना
जानकारी मिली है कि रेल यात्रियों को सफर के दौरान खाना उपलब्ध कराने के लिए रेलवे कैटरिंग के लिए रेलवे बड़े स्टेशनों के पास IRCTC संचालित बेस किचन (IRCTC based kitchens) तैयार कर रहा है. इसके जरिये जिन ट्रेनों से पैंट्री कार हटाई जाएगी उनमें खाना उपलब्ध कराया जाएगा. यही नहीं ट्रेन में यात्रियों को ई कैटरिंग या ऑनलाइन फ़ूड आर्डर करने का विकल्प दिया जाएगा.

इस कदम से बढ़ेगा रेलवे का लाभ
इस कदम के जरिए रेलवे एक साथ दो लक्ष्य हासिल करना चाहती है. एक तरफ जहां थर्ड एसी कोच के जरिये रेलवे अपनी आमदनी बढ़ाना चाहता है वहीं E-Catering को विस्तार देना चाहता है. सूत्रों के मुताबिक रेलवे किसी भी कॉन्ट्रोवर्सी से बचने के लिए दबे पांव इस कदम को पूरा करना चाहती है.

रेलवे की प्रतिक्रिया
हालांकि इस संबंध में प्रतिक्रिया देते हुए रेलवे बोर्ड ने कहा कि पैंट्री कार को हटाने के मुद्दे पर अभी इस तरह का कोई निर्णय नहीं किया गया है. कोरोना काल में पैंट्री सर्विसेज को इसलिए रोका गया ताकि इनके माध्‍यम से ट्रेन के भीतर वायरस का किसी तरह से प्रसार नहीं हो सके.  कोरोना काल को देखते हुए इस तरह के फैसलों की सतत समीक्षा हो रही है. सिर्फ इतना ही नहीं रेलवे स्‍टेशनों और ट्रेनों के भीतर लोगों को अधिक विकल्‍प देने के मसले पर भी काम कर रहा है. रेलवे जैसे बड़े संगठन में इस तरह की तमाम चीजों पर मंथन चलता रहता है. हर चर्चा तत्‍काल ही किसी निर्णय में तब्‍दील नहीं हो जाती.

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