काबुल में भारतीय महिला का अपहरण, रिहाई के लिए प्रयास जारी

एक अंतरराष्ट्रीय गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) के लिए काम करने वाली भारत की एक महिला को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के बीचोंबीच उसके कार्यालय के बाहर से संदिग्ध आतंकवादियों ने अगवा कर लिया। उसकी रिहाई के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। कोलकाता की निवासी जूडिथ डिसूजा को शुक्रवार की शाम दो अन्य लोगों सहित तैमानी क्षेत्र से अगवा किया गया। यह महिला अफगानिस्तान के आगा खान फाउंडेशन के लिए वरिष्ठ तकनीकी सलाहकार के रूप में काम करती है और उसे अगले सप्ताह भारत वापस लौटना था।

नई दिल्ली : एक अंतरराष्ट्रीय गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) के लिए काम करने वाली भारत की एक महिला को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के बीचोंबीच उसके कार्यालय के बाहर से संदिग्ध आतंकवादियों ने अगवा कर लिया। उसकी रिहाई के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। कोलकाता की निवासी जूडिथ डिसूजा को शुक्रवार की शाम दो अन्य लोगों सहित तैमानी क्षेत्र से अगवा किया गया। यह महिला अफगानिस्तान के आगा खान फाउंडेशन के लिए वरिष्ठ तकनीकी सलाहकार के रूप में काम करती है और उसे अगले सप्ताह भारत वापस लौटना था।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि सरकार उसकी रिहाई के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। एक आधिकारिक सूत्र ने कहा, 'हमारा दूतावास वरिष्ठ अफगान अधिकारियों के संपर्क में है और सरकार भी कोलकाता में उसके परिवार के संपर्क में है। अफगान अधिकारियों द्वारा उसकी जल्द रिहाई के लिए सभी प्रयास किये जा रहे हैं।' लड़की के पिता डी डिसूजा ने कोलकाता में कहा कि परिवार को सूचना मिली है कि तीन लोग जुडिथ, एक सुरक्षा गार्ड और उनके वाहन के ड्राइवर का अपहरण हो गया है। डिसूजा ने रोते हुए कहा, 'मुझे मेरी बेटी वापस चाहिए।'

जुडिथ की बहन आग्नेस डिसूजा ने कहा, 'विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने फोन करके मुझसे बात की और आश्वासन दिया कि सरकार उन्हें वापस लाने का हर संभव प्रयास कर रही है।' जुडिथ के एक परिजन के ट्वीट पर जवाब देते हुए सुषमा ने कहा, 'वह आपकी बहन और भारत की बेटी है। हम उसे बचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। कृपया अपने बीमार पिता का ख्याल रखें।' एक सूत्र ने कहा कि संदिग्ध आतंकवादियों ने महिला का अपहरण किया। भारत में ‘आगा खान ट्रस्ट फॉर कल्चर’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रतीश नंदा ने कहा कि उनकी सुरक्षित रिहाई के लिए हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं। 

आग्नेस ने बताया कि परिवार को गुरुवार देर रात अपहरण की सूचना मिली। उसने कहा, 'हमें रात डेढ़ बजे काबुल स्थित भारतीय दूतावास से यह सूचना मिली।' उन्होंने कहा, 'दूतावास ने कहा कि हम अपना सर्वोत्तम प्रयास कर रहे हैं। हमें जितनी जल्दी सूचना मिलेगी आपको बताएंगे।' उन्होंने कहा, 'अब हम इंतजार कर रहे हैं। हम आशा कर रहे हैं कि सरकार कुछ करे और मेरी बहन को वापस ले आए।' आग्नेस ने कहा कि अफगान सरकार को मेरी बहन का पता लगाने का प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जुडिथ बुधवार को वापस घर लौटने वाली थी और उसने दो दिन पहले फोन किया था। उन्होंने कहा, 'उसने कोई चिंता नहीं जताई थी।' आग्नेस ने कहा, 'हमने उसे वहां जाने से मना किया था, लेकिन उसने हमारी नहीं सुनी।' उन्होंने कहा कि उनकी बेटी वहां महिलाओं और बच्चों के लिए काम कर रही थी।