भारत में पहली बार नशा मुक्ति पर हो रहा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, 40 देशों के जुटेंगे विद्वान

भारत में पहली बार नशा मुक्ति अभियान के चलते अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन होने जा रहा है. ये सम्मेलन 13 से 16 नवंबर तक चलेगा. इसका  अयोजन (एम्स) और विश्व मनोचिकित्सक संघ मिलकर कर रहे हैं. 

भारत में पहली बार नशा मुक्ति पर हो रहा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, 40 देशों के जुटेंगे विद्वान
एम्स के मनोचिक्तसा विभाग के डॉ राकेश चड्ढा ने बताया कि नशे की लत एक बेहद जटिल समस्या है.

नई दिल्ली: भारत में पहली बार नशा मुक्ति अभियान के चलते अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन होने जा रहा है. ये सम्मेलन 13 से 16 नवंबर तक चलेगा. इसका  अयोजन (एम्स) और विश्व मनोचिकित्सक संघ मिलकर कर रहे हैं. तीन दिन तक चलने वाले इस सम्मेलन में 40 देशों के करीब 600 प्रतिनिधि, डॉक्टर और विश्व प्रसिद्ध विशेषज्ञ. जिसमें करीब 200 विदेशी प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे. केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलौत इसका उद्धाटन करेंगे. देश ही नही दुनिया भर में नशे की जडें तेजी से फैलती जा रही हैं. इनमे तम्बाकू, शराब और कैनबिस के पौधे से बने भांग, गाँजा चरस. इसके अलावा अफ़ीम के पौधे से बने ड्रग्स शामिल हैं. 

तम्बाकू और शराब का सेवन करने वाले लोगों की संख्या सबसे ज़्यादा है. अकेले भारत में ही 5 करोड़ से ज़्यादा ऐसे लोग हैं जो या तो शराब के आदि हैं या इसके कारण परेशानी से झूझ रहे हैं. इसके अलावा क़रीब एक करोड़ लोग ऐसे हैं जो अफ़ीम, गाँजा या स्मैक के नशे के या तो आदि हैं या जिन्हें इसके कारण कोई परेशानी है. 

एम्स के नशा मुक्ति विभाग की डॉ अंजु धवन की सलाह है की नशे की लत को बीमारी के रूप में समझा जाए और ये माना जाए की इसका इलाज हो सकता है. परिवार को भी इसमें आगे आकर नशा करने वाले का इलाज कराने की ज़रूरत है.  इस सम्मेलन में देश और दुनिया से नशा मुक्ति के क्षेत्र  में हुए कई शोध सामने आने की उम्मीद की जा रही है. जिस से ज्यादा से ज्यादा लोगों को नशे की लत से बचाया जा सके और सही इलाज और काउंसलिंग की मदद से युवाओं को नशे से दूर रखा जा सके. इसमें स्टूडेंट्स से लेकर एक्स्पर्ट्स हिस्सा लेंगे.

एम्स के मनोचिक्तसा विभाग के डॉ राकेश चड्ढा ने बताया कि नशे की लत एक बेहद जटिल समस्या है . इसकी शुरुआत कैसे होती है , इस से शरीर में क्या बदलाव आते हैं. इसमें जाने के कारण क्या हैं. इन सभी पहलुओं पर इस सम्मेलन में विचार विमर्श किया जाएगा.