E-cigarette Controversy in Parliament: पूरे देश में ई-सिगरेट पर बैन है लेकिन लोकसभा में टीएमसी का कोई सांसद मजे से इसका सेवन कर रहा है. यह आरोप बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने लगाया है. इस पर टीएमसी सांसद सौगत रॉय मीडियाकर्मियों पर भड़क गए.
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TMC MP Saugata Roy on E-Cigarette Controversy: संसद भवन परिसर में ई-सिगरेट पीने पर राजनीति गरमा गई है. बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में इस मुद्दे को उठाते आरोप लगाया कि टीएमसी एक एक सांसद नियमों का उल्लंघन कर पिछले कई दिनों से लोकसभा में ई-सिगरेट पी रहे हैं. उन्होंने अपने संबोधन में किसी नेता का नाम नहीं लिया. इसके बावजूद टीएमसी सांसद जवाब में शोर मचाने लगे. सदन की कार्रवाई के बाद टीएमसी के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय अपनी गाड़ी में बैठकर घर जा रहे थे तो मीडियाकर्मियों ने उनसे ई-सिगरेट पीने के बारे में पूछा. इस पर सौगत उल्टा पत्रकारों पर ही हावी होने की कोशिश करने लगे.
'आपको जवाब देने की जिम्मेदारी मेरी नहीं- सौगत रॉय
टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने मीडियाकर्मियों को डपटते हुए कहा, 'आपको जवाब देने की कोई जिम्मेदारी मेरी नहीं है. आपको जो दिखाना है दिखाइए. केंद्रीय मंत्री की बात छोड़िए. संसद भवन के अंदर सिगरेट नहीं पी सकते हैं लेकिन परिसर में पी सकते हैं. टीएमसी सांसद अंदर पी रहे हैं वह दूसरी बात है.'
'शेखावत हमारा स्पीकर है क्या'
सौगत रॉय यहीं तक नहीं रुके. उन्होंने आगे कहा, 'शेखावत हमारा स्पीकर है क्या, जो हम उसे जवाब दें. मंत्री को खुश करना चाहते हैं तो कोई भी खबर दिखाइए.'
सौगत रॉय का यह बयान सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बन गया. उन्होंने गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि संसद बिल्डिंग के अंदर तो नहीं लेकिन बाहर ई-सिगरेट पी सकते हैं. सौगत रॉय ने यह भी कहा कि किसी मंत्री को जवाब देना उनकी बाध्यता नहीं है. वहीं भाजपा इस मुद्दे को सदन की गरिमा से जोड़कर देख रही है.
मामले में क्या एक्शन लेंगे स्पीकर ओम बिरला
अब सबकी नजर इस बात पर है कि स्पीकर ओम बिरला इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं. क्या वे प्रकरण में सख्त एक्शन लेकर नई नजीर पेश करेंगे या फिर रस्मी चेतावनी देकर इस मुद्दे को अपने आप मरने के लिए छोड़ देंगे.
भारत में ई-सिगरेट पर क्या हैं नियम?
बताते चलें कि भारत में ई-सिगरेट की बिक्री और पीना दोनों प्रतिबंधित है. ऐसे में लोकसभा परिसर में इसके उपयोग का आरोप गंभीर माना जा रहा है. हालांकि संबंधित सांसद का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है. इसके बावजूद विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच यह मुद्दा तकरार का नया कारण बन गया है.