close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

गिरने के बाद नहीं टूटा है लैंडर 'विक्रम', जैसे उतरना चाहिए था वैसे नहीं उतरा: ISRO

इसरो ने कहा है कि लैंडर विक्रम से संपर्क की कोशिशें जारी हैं. 

गिरने के बाद नहीं टूटा है लैंडर 'विक्रम', जैसे उतरना चाहिए था वैसे नहीं उतरा: ISRO

नई दिल्ली: इसरो (ISRO) ने कहा है कि चंद्रयान 2 (Chandrayaan 2) का लैंडर विक्रम (Lander vikram) चांद की सतह पर गिरने के बाद नहीं टूटा है. इसरो के सूत्रों ने कहा है लैंडर विक्रम को जैसे उतरना चाहिए था वैसे वह नहीं उतरा. इसरो ने कहा है कि लैंडर विक्रम से संपर्क की कोशिशें जारी हैं. 

इससे पहले रविवार को इसरो (ISRO) चीफ के सिवन ने कहा था कि इसरो ने चंद्रयान 2 के लैंडर 'विक्रम' की लोकेशन पता लगा ली है. उन्होंने कहा कि चंद्रयान2 के ऑर्बिटर ने चंद्रमा की सतह पर लैंडर 'विक्रम' की थर्मल तस्वीरें ली हैं. 

चांद पर उतरते समय टूटा था संपर्क
बता दें ‘चंद्रयान-2’ के लैंडर ‘विक्रम’ का चांद पर उतरते समय जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट गया था. सपंर्क तब टूटा जब लैंडर चांद की सतह से 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर था.

लैंडर को शनिवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात लगभग एक बजकर 38 मिनट पर चांद की सतह पर लाने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन चांद पर नीचे की तरफ आते समय 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर जमीनी स्टेशन से इसका संपर्क टूट गया. 

‘विक्रम’ ने ‘रफ ब्रेकिंग’ और ‘फाइन ब्रेकिंग’ चरणों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया, लेकिन ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ से पहले इसका संपर्क धरती पर मौजूद स्टेशन से टूट गया.

पीएम ने इसरो वैज्ञानिकों से कहा था 'हौंसला रखें'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लैंडर का संपर्क टूट जाने के बाद इसरो के वैज्ञानिकों से कहा,‘देश को आप पर गर्व है. सर्वश्रेष्ठ के लिए उम्मीद करें. हौसला रखें.’

शनिवार को मुंबई में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने इसरो के वैज्ञानिक की तारीफ करते हुए कहा था, 'ISRO और वहां काम करने वाले लोग ऐसे हैं जो, लक्ष्य प्राप्त करने तक न रुकते हैं, न थकते हैं और न बैठते हैं.' आज हमने मिशन चंद्रयान में एक रुकावट देखी है. लेकिन ISRO के वैज्ञानिक तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक मंजिल पर नहीं पहुंच जाते. चांद पर पहुंचने का सपना पूरा होकर रहेगा'