नवजोत सिंह सिद्धू ने नहीं भरा टैक्स, IT ने सीज किए दो बैंक खाते

2014-15 के आयकर रिटर्न में नवजोत सिंह सिद्धू ने खर्चों के बिल नहीं जोड़ों थे. इनकम टैक्स विभाग ने इसके लिए उन्हें कई बार नोटिस भी भेजे थे.

नवजोत सिंह सिद्धू ने नहीं भरा टैक्स, IT ने सीज किए दो बैंक खाते
नवजोत सिंह सिद्धू पर आयकर विभाग का 58 लाख रुपये बकाया हैं

नई दिल्ली : पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. टैक्स नहीं चुकाने पर सिद्ध के दो बैंक खाते सील कर दिया है. पूर्व क्रिकेटर पर विभाग का 52 लाख रुपये बकाया है. बताया जा रहा है कि सिद्धू ने अपने आयकर रिटर्न में कपड़ों पर 28 लाख, यात्रा पर 38 लाख से ज्यादा, फ्यूल पर करीब 18 लाख, स्टाफ की सैलरी पर 47 लाख से ज्यादा का खर्च दिखाया लेकिन उनके बिल जमा नहीं किए थे. आयकर विभाग ने इस बारे में उन्हें कई बार नोटिस भी भेजा, मगर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. आयकर विभाग ने कांग्रेस के इस नेता खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके दो बैंक खाते सील कर दिए हैं. 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, क्रिकेटर से नेता बने नवजोत सिंह सिद्धू ने 2014-15 के अपने इनकम टैक्स रिटर्न में जरूरत के हिसाब से बिल जमा नहीं किए थे. उधर, पंजाब सरकार के मंत्री का कहना है कि वह इनकट टैक्स विभाग के नोटिसों का जवाब दे चुके हैं और मांग के मुताबिक उन्होंने सभी जरूरी दस्तावेज जमा कर दिए थे. उन पर विभाग को एक पैसा भी बकाया नहीं है. 

क्रिकेटर से राजनेता बने हैं सिद्धू
शानदार जुमलों और हाजिर जवाबी के लिए हमेशा सुर्खियों में रहने वाले सिद्धू राजनीति में आने से पहले क्रिकेटर थे. कुछ समय तक उन्होंने कई टीवी शो में जज की भूमिका भी निभाई थी. क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद उन्होंने काफी दिनों तक क्रिकेट कमेंटरी भी की. राजनीति की शुरूआत उन्होंने बीजेपी से की. बीजेपी से नाता तोड़ने के बाद उन्होंने कांग्रेस का हाथ थाम लिया. 

कांग्रेस अधिवेशन में भी आए चर्चा में
नवजोत सिंह सिद्धू अभी हाल ही में दिल्ली में हुए कांग्रेस के महाअधिवेशन में भाषण देकर भी चर्चा में आए थे. अपने भाषण में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके कामों की जमकर तारीफ की थी. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से माफी मांगी और कहा, ‘‘ मुझे आपको पहचानने में 10 साल का समय लगा. मैं माफी मांगता हूं. मैंने गंगा नहा ली सर, आपके चरणों में सर रखकर... आप सरदार हैं और असरदार भी.’’