ITI ने तैयार किया रोबोट, कोरोना वायरस रोकथाम में कर रहे डॉक्टरों की मदद

इनकी मदद की वजह से स्वास्थ्यकर्मियों में Coronavirus फैलने का खतरा बेहद कम हो गया है

ITI ने तैयार किया रोबोट, कोरोना वायरस रोकथाम में कर रहे डॉक्टरों की मदद
ITI पुणे (बाएं) और ITI कटक (बाए) में तैयार रोबोट्स

नई दिल्ली: अब तक आपने इंडस्ट्रियल टेक्निकल इंस्टिट्युट (ITI) से सिर्फ फिटर, टर्नर या इलेक्ट्रिशियन जैसे कोर्स के बारे में सुना होगा. दरअसल आईटीआई को सिर्फ छोटे-मोटे तकनीकी कौशल के लिए ही जाना जाता रहा है. लेकिन आज आप पक्का चौंक जाएंगे. आईटीआई संस्थानों देश में फैली महामारी कोरोना वायरस (Coronavirus) से लड़ने के लिए दो शानदार रोबोट तैयार किए हैं. इस वक्त जो मदद ये रोबोट कर रहे हैं उससे अस्पतालों को डॉक्टर तक तारीफ करते नहीं थक रहें.

कोरोना वायरस रोकथाम में बना डॉक्टरों का सबसे बड़ा साथी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्किल इंडिया के अनुरूप भारत सरकार के Ministry of Skill Development and Entrepreneurship के अंतर्गत आईटीआई कटक ने SAK Robotics के सहयोग से और ITI पुणे ने विशेष तरह के रोबोट का निर्माण किया है. पुणे में तैयार रोबोट सरदार वल्लभभाई भाई पटेल अस्पताल में अपनी खास सेवा दे रहा है. ये रोबोट यहां दाखिल हुए 33 कोरोना संक्रमित मरीजों को बेड के पास जाकर दवाएं देता है. इसी तरह की सेवा आईटीआई कटक में बना रोबोट भी दे रहा है. इनकी मदद की वजह से स्वास्थ्यकर्मियों में कोरोना वायरस फैलने का खतरा बेहद कम हो गया है.

इस बारे में केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा, 'आईटीआई कटक ने एक ऐसे रोबोट का विकास किया है, जो कोविड -19 की लड़ाई में बेहतर भूमिका निभा सकता है. इससे सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन किया जा सकेगा और इसमें मदद मिलेगी. मंत्रालय इस तरह के विचार को आगे बढ़ने का प्रयास करता रहेगा.' उन्होंने आगे कहा, 'यह प्रशंसनीय इनोवेशन न सिर्फ स्वास्थ्य कर्मियों को सहायता प्रदान करने का एक अच्छा उदहारण साबित होगा बल्कि देश के युवाओं को खुद के भीतर उद्यमशीलता की भावना के साथ ही अनुसंधान के क्षेत्र में आगे जाने के लिए उन्हें प्रेरित करेगा.'

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कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने जानकारी दी है कि इस तरह के सकारात्मक प्रयास को बढ़ाने के लिए मंत्रालय हर संभव कोशिश कर रहा है. मंत्रालय ने उम्मीद जाहिर कर कहा कि इस प्रकार के प्रयोग से और संस्थानों को प्रेरणा मिलेगी.