जैश-ए-मोहम्मद के गिरफ्तार आतंकियों का दारुल उलूम से नाता, देवबंद जाएगी स्पेशल सेल

दोनों आतंकियों को 20 नवंबर को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट के सीएमएम डॉक्टर पंकज शर्मा की कोर्ट में पेश किया था, जहां मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों को 5 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया था.

जैश-ए-मोहम्मद के गिरफ्तार आतंकियों का दारुल उलूम से नाता, देवबंद जाएगी स्पेशल सेल
फाइल फोटो.

नई दिल्लीः दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा सराय काले खां से गिरफ्तार जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी अब्दुल लतीफ मीर और अशरफ खटाना के फोन में से पुलिस को दारुल उलूम देवबंद के कई लोगों के नंबर मिले हैं. इसकी तफ्तीश के लिए रविवार सुबह स्पेशल सेल की एक टीम दारुल उलूम देवबंद (मदरसा) जाएगी. हालांकि दोनों आतंकियों को 20 नवंबर को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट के सीएमएम डॉक्टर पंकज शर्मा की कोर्ट में पेश किया था, जहां मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों को 5 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया था.

आतंकी ट्रेनिंग के लिए जाने वाले थे पाकिस्तान
वहीं, जम्मू-कश्मीर के हायम सेक्टर का एक वीडियो स्पेशल सेल को मिला हैं, जिसमें करीब 6 लोग उस वीडियो में नजर आ रहे हैं. यह वीडियो अक्टूबर के शुरुआती हफ्ते का है. वीडियो को लेकर पकड़े गए दोनों आतंकवादियों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वीडियो में दिख रहे सभी लोगों को ट्रेनिंग लेने के लिए पाकिस्तान जाना था लेकिन बॉर्डर पर मिलिट्री का ज्यादा डिप्लॉयमेंट होने की वजह से यह लोग बॉर्डर पार नहीं कर सके. उसी दौरान वापसी में एक पहाड़ पर लेट कर इन लोगों ने यह वीडियो बनाया था.

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देवबंद में कौन कर रहा इन आंतकियों को मदद
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि रविवार सुबह स्पेशल सेल की टीम दारुल उलूम देवबंद जा सकती है. क्योंकि ये दोनों कुछ दिनों पहले देवबंद गए थे और वहां लोगों से मिले थे. स्पेशल सेल ये जानना चाहती है कि वहां किसके यहां रुके थे, इन्हे कौन शय दे रहा था और किसने इनको ठहराया था जैसे सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं. वहीं आतंकियों के व्हाट्सएप ग्रुप में कई लोग देवबंद के भी जुड़े हुए हैं.

तीसरे साथी की तलाश कर रही पुलिस
पुलिस ये जानने की कोशिश भी कर रही है कि आखिरकार आतंकी अब्दुल लतीफ मीर और अशरफ खटाना यहां आने के बाद किसकी मदद से पाकिस्तान जाने वाले थे. पुलिस को लतीफ मीर के मोबइल और अशरफ के फोन में करीब 20 पाकिस्तानी नंबर मिले हैं. पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आतंकी गिरफ्तारी से कुछ दिनों पहले दिल्ली आए थे और जामा मस्जिद इलाके के एक होटल में रुके थे. पुलिस दिल्ली में इनके तीसरे साथी की तलाश कर रही है.

पुलिस अधिकारी ने बताया की दोनों आतंकी यू ट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर खासे सक्रिय थे. मुस्लिम धर्म से जुड़े युवाओं को भड़काते थे. दोनों जैश-ए-मुहम्मद चीफ मौलाना मसूद अजहर को अपना रोल मॉडल मानते हैं. जो पाकिस्तान की शह पर कश्मीर की आजादी के लिए हर हद से गुजरने को तैयार थे. आरोपी लोगों को भड़काने के लिए भड़काऊ भाषण भी देते थे.