देश की रक्षा के लिए जम्‍मू-कश्‍मीर के 152 जवानों की ट्रेनिंग पूरी, दुश्‍मन से लोहा लेने को तैयार

जम्मू-कश्मीर भर से चुने हुए 152 जवानों ने आज यहां पर अपनी कमांडो ट्रेनिंग पूरी की. इस ट्रेनिंग सेंटर की स्‍थापना 1990 में हुई. पिछले 28  साल में इस ट्रेनिंग सेंटर से 15 हज़ार जवानों को ट्रेंड किया जा चुका है.

देश की रक्षा के लिए जम्‍मू-कश्‍मीर के 152 जवानों की ट्रेनिंग पूरी, दुश्‍मन से लोहा लेने को तैयार
पास‍िंग आउट परेड के दौरान जेएकेएलआई के जवान. फोटो : जी न्‍यूज

श्रीनगर: सीमा पर देश की सुरक्षा में तैनाती के लिए जम्मू-कश्मीर के JAKLAI CENTRE (जम्मू कश्मीर लाइट इन्फेंट्री) से 152 जवानों की ट्रेनिंग पूरी हो गई है. इस ट्रेनिंग सेंटर से 15000 हज़ार जवानों को ट्रेंड किया जा चुका है जिन में कश्मीरी युवा भी शामिल हैं. JAKLAI में सिर्फ जम्मू-कश्मीर के युवाओं को भर्ती किया जाता है. कश्मीर के बडगाम में स्‍थ‍ित सेना  के जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फेंट्री के ट्रेनिंग सेंटर में आज खुशी का माहौल था.

जम्मू-कश्मीर भर से चुने हुए 152 जवानों ने आज यहां पर अपनी कमांडो ट्रेनिंग पूरी की. इस ट्रेनिंग सेंटर की स्‍थापना 1990 में हुई. पिछले 28  साल में इस ट्रेनिंग सेंटर से 15 हज़ार जवानों को ट्रेंड किया जा चुका है. ट्रेनिंग पूरी कर चुके जवानों को सीमा पर तैनात किया जाएगा. सेना में शामिल हुए कश्मीरी युवा नज़ाकत अली खान ने कहा हमें गर्व है कि हम सेना में शामिल हुए. यह मेरा ख़्वाब था जो आज पूरा हुआ. हम देश के लिए जान देने के लिए तैयार हैं. सेना का हिस्‍सा बने जम्मू के ऋषभ शर्मा ने कहा “देश की सेवा करने की क़सम खाई है, देश के ख़िलाफ़ खड़े होने वालों को हम नहीं छोड़ेंगे.”

एक साल की ट्रेनिंग के लिए चुने गए जवानों को ही कश्मीर के इस सेंटर में भेजा जाता है. जवानों को आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन के लिए खास तौर पर ट्रेंड किया जाता है. हथि‍यारो की ट्रेनिंग के साथ-साथ, मार्शल आर्ट और hand to hand combat की खास तौर पर ट्रेनिंग मिलती है. यहां पर ट्रेनिंग पाने वाले सभी जवान जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं.  सेना जहाँ एक तरफ देश की सीमओ की रक्षा में जुटी है. वहीं दूसरी तरफ आंतरिक सुरक्षा के काम में भी यह बल योगदान देता आ रहा है. आज यहां से ट्रेनिंग पूरी करने वाले जवान देश की सेवा के लिए तैयार हैं. और सबसे ज्‍यादा खुश इन जवानों के परिवार वाले हैं.

एक जवान के भाई बशीर खान ने कहा इसका यह ख़्वाब था हमने इसका पूरा साथ दिया. हमें गर्व है कि ये सेना में शामिल हुआ. पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद JKLI में यह पहली पासिंग आउट परेड है. इस मौके पर जनरल डिलन ने एक बार फिर आतंकियों को हथि‍यार छोड़कर मुख्‍य धारा में आने को कहा और कश्मीरी माओं से अपील की कि वह अपने बेटों को आतंक की राह पर जाने से रोकें.