स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे जम्मू-कश्मीर: पीएम मोदी

एक आधिकारिेक प्रवक्ता ने बताया कि अपने महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति पर एक समीक्षा बैठक के दौरान मोदी विभिन्न राज्यों के मुख्य सचिवों से मुखातिब हुए. 

स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे जम्मू-कश्मीर: पीएम मोदी
जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव बी बी व्यास ने राज्य सरकार की ओर से उठाए गए कदमों से प्रधानमंत्री मोदी को अवगत कराया(फाइल फोटो)

जम्मू: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि अपने पर्यटन स्थलों के लिए मशहूर जम्मू- कश्मीर में स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाना चाहिए. एक आधिकारिेक प्रवक्ता ने बताया कि अपने महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति पर एक समीक्षा बैठक के दौरान मोदी विभिन्न राज्यों के मुख्य सचिवों से मुखातिब हुए और उनके राज्यों में सभी जिलों को खुले में शौच मुक्त घोषित करने के लिए उनकी सरकारों की ओर से अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी ली. जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव बी बी व्यास ने इस बाबत राज्य सरकार की ओर से उठाए गए कदमों से प्रधानमंत्री मोदी को अवगत कराया. 

8 राज्य 'खुले में शौच' से मुक्त घोषित
बता दें पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तीन वर्ष पहले आरंभ किए गए स्वच्छ भारत अभियान की शुरूआत से वर्ष 2017 तक स्वच्छता अभियान के तहत कवर किया गया क्षेत्र बढ़कर दोगुना हो गया है . पेय जल एवं स्वच्छता मंत्रालय ने इस अभियान के तहत अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) कार्यक्रम पर ध्यान केंद्रित किया. उसने लोगों को शौचालयों के इस्तेमाल के बारे में जानकारी देने, स्वच्छता एवं सफाई को प्रोत्साहित करने के लिए शैक्षणिक गतिविधियां भी आयोजित कीं.

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शौचालयों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करते हुए वर्ष 2014 से मकानों में 568.15 लाख शौचालय बनाए गए यानी तब से स्वच्छता कवरेज में 35.45 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. इस साल 18 दिसंबर को स्वच्छता कवरेज 74.15 प्रतिशत थी जबकि दो अक्तूबर 2014 को यह 38.70 प्रतिशत थी. सरकार ने आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, केरल, उत्तराखंड, हरियाणा, गुजरात, चंडीगढ़ और दमन दीव को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया.

खुले में शौच जाने वालों में कमी
वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा संसद में आज पेश 2017-18 की आर्थिक समीक्षा के अनुसार दो अक्टूबर 2014 को शुरू किये गये स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) कार्यक्रम की शुरूआत के बाद ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छता का दायरा 2014 के 39 प्रतिशत से बढ़कर जनवरी, 2018 में 76 प्रतिशत हो गया है. समीक्षा में कहा गया है कि 2014 में खुले में शौच जाने वाले व्यक्तियों की आबादी 55 करोड़ थी, जो जनवरी, 2018 में घटकर 25 करोड़ हो गई है. अब तक पूरे देश में 296 जिलों तथा 3,07,349 गांव को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित किए गए हैं.

इनपुट भाषा से भी 

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