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जम्मू कश्मीर: राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने शुरू की प्लास्टिक मुक्त अभियान की शुरुआत

राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने अभियान कि शुरुवात करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर में हर घर शौचालय पहुंचाने का मिशन तो पूरा कर दिया गया, अब प्लास्टिक से इस जन्नत को मुक्त करना है. श्रीनगर के डल झील के किनारे पर स्थित बोटेनिकल गार्डन से प्लास्टिक मुक्त अभियान की शुरुआत हुई.

जम्मू कश्मीर: राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने शुरू की प्लास्टिक मुक्त अभियान की शुरुआत
जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक.

श्रीनगर: देश भर के साथ-साथ कश्मीर घाटी में भी प्रधानमंत्री की ओर से शुरू की गई प्लास्टिक मुक्त देश की मुहिम की शुरुआत गांधी जयंती पर शुरू हो गई. राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने अभियान कि शुरुवात करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर में हर घर शौचालय पहुंचाने का मिशन तो पूरा कर दिया गया, अब प्लास्टिक से इस जन्नत को मुक्त करना है. श्रीनगर के डल झील के किनारे पर स्थित बोटेनिकल गार्डन से प्लास्टिक मुक्त अभियान की शुरुआत हुई. इस मुहीम की शुरुआत के पीछे एक उद्देश्य है और वह यह है कि महात्मा गांधी ने जो सफाई को लेकर संकल्प लिया था उसे आगे बढ़ाते हुए उन्हें श्रद्धांजलि देना.

राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा, 'कड़ी मेहनत और चुनौतियों के चलते मौजूदा हालातों में कश्मीर को साफ रखने के लिए स्वच्छता कर्मचारियों के कार्य की सरहाना की और कहा कि जब तक आप लोग हैं तब तक कश्मीर है. अगर आप लोग कुछ दिनों के लिए काम छोड़ देंगे तो कश्मीर नरक बन जाएगा. उन्होंने जम्मू-कश्मीर को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए राज्य में उपयोग होने वाले प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने पर भी जोर दिया, जो हिमालय क्षेत्र में पर्यावरण को नष्ट कर रहा है.'

इस अवसर पर सफाई कर्मचारियों के लिए कई योजनाओं की भी घोषणाएं की गई. सफाई कर्मचारियों के लिए फ्री मेडिकल स्कीम, लाइफ इंश्योरेंस के साथ-साथ श्रीनगर के सोलिना, बेमिना और मकदूम साहिब में कम दाम पर रहने (हाउसिंग) और अन्य सहूलतें प्रदान करवाने की घोषणा की गई. 

बता दें कि सत्यपाल मलिक ने पिछले डेढ़ साल के समय के भीतर राज्य में चौथे नंबर से खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) करवाने के लिए सफाई करमचारियों का प्रबंधन किया है. उन्होंने यह भी कहा कि गांधीजी ने अपने कश्मीर दौरे के दौरान कहा था, 'कश्मीर से मुझे एक रोशनी नज़र आती है'. मलिक ने कहा कि गांधी जी ने आपको जो इज्ज़त और मान दिया वह देश के किसी भी हिस्से के लोगों को नहीं दिया, इसलिए आप उन्हें याद रखें.

अनुछेद 370 हटने के बाद घाटी में पैदा हुए हालातों के बीच भी एसएमसी कर्मचारी ही थे जिन्होंने श्रीनगर को साफ रखने का कर्तव्य निभाया है. ये ही कारण था कि स्वछता ही सेवा कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने इन सफाई सराहनीय कार्य करने के लिए सम्मानित भी किया.

श्रीनगर म्युनिसिपल कॉपोरेशन के कमिश्नर खुर्शीद अहमद सनाई ने बताया, '5 अगस्त के बाद घाटी में पैदा हुए हालातों के बीच हमारे लिए कूड़ा जमा करना और डिस्पोज़ल एक बड़ी चुनौती रहा है. शुरुआती 5 दिनों के बीच कुछ दिक्कतें ज़रूर आई, लेकिन बाद में हमने एक ऐसा एक्शन प्लान बनाया, जिससे हमारा रोज का कूड़ा जमा करना और डिस्पोज़ल का कार्य सामान्य रूप से चले और उसमें हम कामयाब रहे. 

उन्होंने यह भी कहा कि इसमें पुलिस और जिला प्रशासन ने भी हमारा पूरा सहयोग दिया. 5 अगस्त के बाद से अब तक करीब 13 हज़ार मीट्रिक टन कूड़ा डिस्पोज़ल साइट तक पहुंचाया गया. शुरुआती दिनों में कुछ गाड़ियों को नुक्सान भी पहुंचाया गया, लेकिन हमारे कर्मचारियों ने सब दुश्वारियों के बावजूद भी अपने कर्तव्य को निभाया क्योंकि स्वच्छता ही सेवा हमारा उद्देश्य है. अब हम लोगों को कश्मीर को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए जागरुक कर रहे हैं और उम्मीद है कि लोग सहयोग देंगे.