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जम्‍मू-कश्‍मीर: प्रदर्शन-हड़ताल के चलते तनाव बरकरार, मोबाइल व इंटरनेट सेवा बंद

कश्मीर घाटी में अलगाववादियों की ओर से आहूत विरोध मार्च के मद्देनजर शुक्रवार को प्रशासन ने श्रीनगर में कर्फ्यू लगा दिया है। घाटी में रह रहकर हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं और स्थिति पर पूरी तरह से काबू नहीं किया जा सका है।

जम्‍मू-कश्‍मीर: प्रदर्शन-हड़ताल के चलते तनाव बरकरार, मोबाइल व इंटरनेट सेवा बंद

श्रीनगर : कश्मीर घाटी में अलगाववादियों की ओर से आहूत विरोध मार्च के मद्देनजर शुक्रवार को प्रशासन ने श्रीनगर में कर्फ्यू लगा दिया है। घाटी में रह रहकर हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं और स्थिति पर पूरी तरह से काबू नहीं किया जा सका है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कश्मीर में जारी हिंसा की आग जम्मू के राजौरी, किश्तवाड़, भद्रवाह, डोडा और रामबन जिलों तक पहुंच चुकी है। इन जिलों में बीती रात एक समुदाय के लोगों ने देश विरोधी नारे लगाये। इसके मद्देनजर पुलिस-प्रशासन ने एहतियातन जम्मू में मोबाइल-इंटरनेट पर रोक लगा दी है।

गौर हो कि कर्फ्यू और प्रदर्शन-हड़ताल के कारण शुक्रवार को लगातार 28वें दिन कश्मीर में तनाव पसरा रहा और सामान्य जन-जीवन ठप है। हालांकि पुलिस ने ‘उपद्रवी तत्वों' की धर-पकड़ के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया है।

एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, कश्मीर में जारी विरोध प्रदर्शनों के चलते घाटी के ज्यादातर प्रमुख शहरों में कर्फ्यू जारी रखा गया है। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग, शोपियां और पाम्पोर, उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के खानपुर तथा श्रीनगर के छह पुलिस थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू जारी है। अधिकारी ने बताया कि बाकी की घाटी में ऐहतियाती तौर पर भारतीय दंड संहिता की धारा 144 के तहत चार या अधिक लोगों के एक साथ जुटने पर पाबंदी है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था को कायम रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।

दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में बीते दिनों बड़े पैमाने पर हिंसा की घटनाएं हुईं। घाटी के कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में सुरक्षा बलों के जवानों समेत कई दर्जन लोग घायल हो गए। सड़कों पर प्रदर्शनों को रोकने के लिए पुलिस ने ‘गुंडों और उपद्रवी तत्वों’ को पकड़ने के लिए बड़ा अभियान चलाया है और घाटी भर से लगभग 500 युवाओं को गिरफ्तार किया है।

गौर हो कि हिज्बुल कमांडर बुरहान वानी की 8 जुलाई को मुठभेड़ में हुई मौत के बाद घाटी में प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हो गया था। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पों में नागरिकों की मौत के बाद अलगावादियों ने हड़ताल का आह्वान किया था। प्रशासन ने भी कई पाबंदियां लगा रखी हैं। ऐसे हालात में घाटी में लगातार 28वें दिन भी जन जीवन प्रभावित हुआ। अलगाववादियों ने हड़ताल पांच अगस्त तक बढ़ा दी है और आज प्रसिद्ध डल झील के तट पर स्थित हजरतबल तक रैली का आह्वान किया है।

दूसरी ओर, सेना के उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुडा ने गुरुवार को जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से मुलाकात की और हिंसा प्रभावित घाटी में शांति लाने के लिए राज्य सरकार को हर मुमकिन सहायता का आश्वासन दिया।