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J&K: ये हैं वो 5 सोशल मीडिया अकाउंट, जिनसे लश्‍कर फैला रहा है कश्‍मीर में आतंक

जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस को इन पांच एकाउंट के बारे में तब पता चला, जब वह पत्रकार शुजात बुखारी हत्‍याकांड की जांच कर रहे थे. 

J&K: ये हैं वो 5 सोशल मीडिया अकाउंट, जिनसे लश्‍कर फैला रहा है कश्‍मीर में आतंक
सोशल मीडिया अकाउंट के जरिये आतंकी कश्‍मीर के नौजवानों को आतंकवाद की तरफ खींचने की साजिश में लगे हुए थे. (फाइल फोटो)

नई दिल्‍ली: जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस ने पांच ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट का खुलासा किया है, जिनके जरिये पाकिस्‍तान में बैठे लश्‍कर-ए-तैयबा के आतंकी कश्‍मीर में आतंक फैलाने की साजिश रच रहे हैं. जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस को इन पांच अकाउंट के बारे में तब पता चला, जब वह पत्रकार शुजात बुखारी हत्‍याकांड की जांच कर रहे थे. 

जांच के दौरान पाया गया था कि कुछ ऐसे सोशस मीडिया अकाउंट पाए गए, जिनसे लगातार कश्‍मीर में नफरत फैलाने का काम किया जा रहा था. इन्‍हीं सोशल मीडिया अकाउंट के जरिये आतंकी कश्‍मीर के नौजवानों को आतंकवाद की तरफ खींचने की साजिश में लगे हुए थे. 

कश्‍मीर पुलिस ने उस शख्‍स की भी पहचान कर ली है, जिसके इशारे पर इन सभी सोशल मीडिया साइट पर भड़काफ कंटेंट डाला जा रहा है. यह शख्‍स मूल रूप से जम्‍मू-कश्‍मीर का वाशिंदा है, मौजूदा समय में वह पाकिस्‍तान से इन सभी सोशल मीडिया अकाउंट को ऑपरेट कर रहा है. 

कश्‍मीर जोन के पुलिस महानिरीक्षक एसपी पाणी के अनुसार, पत्रकार शुजात बुखारी और उनके दो सुरक्षाकर्मियों की हत्‍या की जांच के लिए गठित स्‍टेशन इंवेस्‍टीगेशन टीम (एसआईटी) ने पाया कि कश्‍मीर में कुछ ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट्स हैं, जिनके जरिये लगातार कश्‍मीर और पत्रकार शुजात बुखारी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्‍ट किए जा रहे थे. 

 

 

इन सोशल मीडिया अकाउंट्स में कश्‍मीर फाइट, वर्ल्‍ड प्रेस, कड़वा सच कश्‍मीर, अहमद खालिद और अहमद खालिद@123 अकाउंट्स शामिल हैं. इसमें कश्‍मीर फाइट और वर्ल्‍ड एक्‍सप्रेस के नाम से  एक साइट चलाई जा रही है. जबकि कडवा सच कश्‍मीर एक फेसबुक अकाउंट है. 

वहीं दो अन्‍य अकाउंट ट्वीटर हैंडल हैं. जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस ने इन अकाउंट्स का सच जानने के लिए ट्वीटर, फेसबुक सहित दूसरी सर्विस प्रोवाइडर कंपनी से संपर्क किया. इन सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों द्वारा मुहैया कराए गए दस्‍तावेजों से जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस को पता चला कि यह भी अकाउंट्स लश्‍कर-ए-तैयबा नामक आतंकवादी संगठन से जुड़े लोगों के हैं. 

सर्विस प्रोवाइडर कंपनी ने यह भी जानकारी दी कि इन अकाउंट्स के सभी पोस्‍ट पाकिस्‍तान से किए गए हैं. सर्विस प्रोवाइडर कंपनी से मिले साक्ष्‍यों की मदद से पुलिस ने अपनी जांच आगे बढ़ाई. जांच में पुलिस को पता चला कि जांच के दायरे में आई सोशल मीडिया अकाउंट्स को शेख सज्‍जाद गुल उर्फ अहमद खालिद नामक शख्‍स चला रहा है.

शेख सज्‍जाद उर्फ अहमद खालिद के बाबत पड़ताल में पुलिस को पता चला कि वह मूल रूप से जम्‍मू-कश्‍मीर की राजधानी श्रीनगर का रहने वाला है. मार्च 2017 में शेख सज्‍जाद लश्‍कर-ए-तैयबा के बुलावे पर पाकिस्‍तान चला गया था. जिसके बाद से वह पाकिस्‍तान में रहकर लश्‍कर-ए-तैयबा की मीडिया सेल चला रहा है. 

पड़ताल के दौरान पुलिस के अधिकारी उस समय चौंक गए, जब उन्‍हें पता चला कि शेख सज्‍जाद को आतंकवाद से जुड़ी दो घटनाओं में गिरफ्तार किया जा चुका है. पहली बार शेख सज्‍जाद को 2002 में दिल्‍ली में गिरफ्तार किया गया था. जिसके बाद उसे 2012 में पारीमपोरा इलाके में हुई आतंकवादी वारदात के सिलसिले में जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस ने गिरफ्तार किया था. 

Lashkar e taiba terroiest
पत्रकार सुजात बुखारी हत्‍याकांड में वांछित तीन आतंकियों के अलावा सोशल मी‍डिया से नफरत भरे पोस्‍ट फैलाने वाले आतंकी शेख सज्‍जाद की कश्‍मीर जोन पुलिस ने फोटो जारी की है.

पुलिस के लिए चौंकाने वाली बात यह थी कि आतंकवाद से जुड़ी दो घटनाओं में शामिल होने के बावजूद शेख सज्‍जाद को पासपोर्ट कैसे मिल गया. कश्‍मीर जोन के आईजी एसपी पानी ने पासपोर्ट से संबंधित मामले की जांच के कर दोषी अधिकारियों की पहचान को कहा है. पुलिस को शक है कि किसी अंदरूनी की मिलीगभत से सज्‍जाद देश से भागने में सफल हो गया.

जांच के दौरान पुलिस ने उन तीनों आतंकवादियों की भी पहचान कर ली, जो बाइक पर सवार होकर पत्रकार शुजात बुखारी की हत्‍या करने के लिए आए थे. इन तीनों आतंकियों की पहचान मुजफ्फर अहमद, नवीद जट्ट और आजाद अहमद मलिक के तौर पर की है. कश्‍मीर जोन पुलिस के अनुसार तीनों आतंकी लश्‍कर-ए-तैयबा नामक आतंकवादी संगठन से जुड़े हैं.

कश्‍मीर जोन पुलिस के अनुसार, मुजफ्फर अहमद उर्फ तल्‍हा मूल रूप से सोपत काजीगुंड का रहने वाला है. वह जनवरी 2018 से लश्‍कर के लिए आतंकी वारदातें कर रहा है. नवीद जट्ट उर्फ हंजुल्‍लाह मूल रूप से पाकिस्‍तान का वाशिंदा है. वह 2009 से लश्‍कर के लिए काम कर रहा है. 

वहीं दिसंबर 2016 से दक्षिण कश्‍मीर में आतंकी वारदातों को अंजाम देने वाला आजाद अहमद मलिक उर्फ दादा उर्फ जैद मूल रूप से अरवानी बिजबेहरा का रहने वाला है. कश्‍मीर जोन पुलिस ने चारों आतंकियों का सुराग हासिल करने के लिए गुरुवार शाम फोटो जारी कर दिए हैं. पुलिस ने अपील की है कि चारों आतंकियों के बाबत छेाटी सी छोटी जानकारी उनके साथ साझा करें. जानकारी साझा करने वालों की पहचान पूरी तरह से गुप्‍त रखी जाएगी.