स्टेच्यु ऑफ यूनिटी के बाद भारत बना रहा दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज, एफिल टॉवर को भी छोड़ेगा पीछे

लंबे समय से इस ब्रिज को बनाने की तैयारी की जा रही है, लेकिन अब जाकर इसने आकार लेना शुरू कर दिया है. ये अपने डिजाइन और आकार के कारण चर्चा में है.

स्टेच्यु ऑफ यूनिटी के बाद भारत बना रहा दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज, एफिल टॉवर को भी छोड़ेगा पीछे

नई दिल्ली : भारत में दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टेच्यु ऑफ यूनिटी बनाई जा चुकी है. गुजरात में सरदार पटेल की ये प्रतिका दुनिया भर में अपनी ऊंचाई के कारण चर्चा बटोर रही है. अब भारत  दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज बना रहा है. ये ब्रिज जम्मू एंड कश्मीर में चेनाब नदी पर बनाया जा रहा है. लंबे समय से इस ब्रिज को बनाने की तैयारी की जा रही है, लेकिन अब जाकर इसने आकार लेना शुरू कर दिया है. ये अपने डिजाइन और आकार के कारण काफी समय से चर्चा में है.

जम्मू के रिआसी जिले में चेनाब नदी में इसे बनाया जा रहा है. ये दुनिया के आठ अजूबों में शामिल एफिल टावर से भी ऊंचा होगा. एफिल टावर से ये ब्रिज 35 मीटर ऊंचा होगा. इसकी कुल लंबाई 1.3 किमी होगी. कहा जा रहा है कि इस ब्रिज के बनने के बाद घाटी में तरक्की का नया रास्ता खुलेगा.

यह पुल कटरा और बनिहाल के बीच 111 किमी को जोड़ेगा. उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना का हिस्सा है. अधिकारियों के अनुसार, ‘पुल का निर्माण कश्मीर रेल लिंक परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा है और पूरा होने पर यह इंजीनियरिंग का एक अजूबा होगा.’


तैयार होने के बाद ऐसा होगा रेलवे ब्रिज.

तेज हवा के झटकों को भी सह सकेगा....
दुर्गम क्षेत्र में करीब 1100 करोड़ रुपए की लागत से बनाए जा रहे अर्धचंद्र आकार के इस बड़े ढांचे के निर्माण में 24000 टन इस्पात का इस्तेमाल किया जाएगा. यह नदी के तल से 359 मीटर ऊंचा होगा. यह पुल 260 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवा को झेल सकेगा. इंजीनियरिंग का 1.315 किलोमीटर लंबा यह अजूबा बक्कल कटरा और श्रीनगर के कौड़ी को जोड़ेगा.

2019 में बनकर तैयार होने की उम्मीद
इस पुल के 2019 में पूरा होने की उम्मीद है.  इसके बनने के बाद इलाके में पर्यटकों के आकषर्ण का एक केंद्र बनेगा. निरीक्षण के मकसद के लिए पुल में एक रोपवे होगा. यह पुल निर्माण कार्य पूरा होने के बाद बेइपैन नदी पर बने चीन के शुईबाई रेलवे पुल (275 मीटर) का रिकार्ड तोड़ेगा.