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बांग्लादेश के मेडिकल कॉलेज में पढ़ती थीं देविंदर की 2 बेटियां, J&K पुलिस के नए-नए खुलासे

डीएसपी देविंदर सिंह को आतंकवादियों के साथ गिरफ्तार किया गया था.

बांग्लादेश के मेडिकल कॉलेज में पढ़ती थीं देविंदर की 2 बेटियां, J&K पुलिस के नए-नए खुलासे

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के पुलिस उप-अधीक्षक (डीएसपी) देविंदर सिंह की गिरफ्तारी के बाद से हर रोज नए-नए खुलासे होते जा रहे हैं. पुलिस ने बताया कि देविंदर कई बार बांग्लादेश भी आता-जाता था. इस संबंध में भी जांच तेज कर दी गई है. सिंह को तब गिरफ्तार किया गया था, जब वह शनिवार को अपनी निजी कार में आतंकवादियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचा रहा था. पुलिस सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार अधिकारी की गतिविधियां कुछ समय से उनके रडार पर थीं.

डीजीपी दिलबाग सिंह के अनुसार, डीएसपी देविंदर सिंह कई बार बांग्लादेश गया था, जिसकी जांच भी हो रही है. पुलिस के अनुसार, देविंदर की दो बेटियां बांग्लादेश के मेडिकल कॉलेज में पढ़ती थीं और अभी इस बात की जांच हो रही है कि क्या उसकी बांग्लादेश यात्रा बेटियों से मिलने के लिए थी या किसी और वजह से उसका पड़ोसी मुल्क जाना हुआ था.

2019 में तीन बार बांग्लादेश की यात्रा
बर्खास्त डीएसपी देविंदर के बारे में यह बात सामने आई है कि उसने पिछले एक साल में तीन बार बांग्लादेश की यात्रा की थी और उसी समय-सीमा में उसके बैंक खातों में लाखों रुपए का लेन-देन भी हुआ था. देविंदर मार्च, मई और जुलाई में तीन बार 2-3 दिन के लिए बांग्लादेश गया था. पुलिस ने बताया कि जांच का दायरा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की तरफ भी बड़ा दिया गया है.

आंतकियों के नाम खत मिला
खुफिया ब्यूरो (आईबी) ने देविंदर सिंह द्वारा कई वर्ष पहले लिखे गए एक पत्र के बारे में पता लगाया है. दविंदर की ओर से 2005 में लिखे गए इस पत्र में दिल्ली पुलिस द्वारा कश्मीर से दिल्ली की ओर से जा रहे दिल्ली-गुरुग्राम सीमा पर पकड़े गए चार आतंकवादियों में से एक के लिए 'सुरक्षित मार्ग' के लिए कहा गया था. सिंह को हाल ही में आतंकवादियों की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. यह भी पता चला है कि संसद हमले के दोषी अफजल गुरु ने अपने अधिवक्ता को लिखे पत्र में सिंह केनाम का उल्लेख किया था. सूत्रों ने कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अब सिंह के 2005 के पत्र की भी जांच करेगी.

इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भी जांच शुरू कर दी है और फिलहाल एक हफ्ते के लिए तहकीकात का दायरा कश्मीर में ही रहेगा.

दक्षिणी कश्मीर हो रहा आतंक मुक्त
वर्ष 2020 कश्मीर में सुरक्षबलों के लिए अब तक बेहद सफलतापूर्वक देखा जा रहा है. इस साल तीन सफल मुठभेड़ों में 7 आतंकी ढेर किए गए और उनके पास से भारी मात्रा में हथियारव गोला बारूद भी बरामद किए गए हैं. मारे गए आतंकियों में कई आतंकी कमांडर भी शामिल हैं. ख़ासकर वह आतंकी जो कि जम्मू कश्मीर पुलिस से बागी होकर हथियार लूटकर ले गए थे.

11 आतंकी गिरफ्तार
इसके अलावा सुरक्षबलों ने अब तक 11 आतंकियों और उनके समथकों को भी गिरफ़्तार किया है. इनमें आतंकियों की मदद कर रहे पुलिस डीएसपी देविंदर सिंह के साथ पकड़े गए दो आतंकियों और एक मददगार में से  हिज़बुल का कमांडर नवेद बाबू भी शामिल है. वहीं, दक्षिण कश्मीर के गुलशनपोरा में एक हिज़बुल का आतंकी पकड़ा गया. गांदेरबल में भी लश्कर का एक आतंकी और श्रीनगर में लश्कर का एक और आतंकी पकड़ा गया.

ऐसे ही जारी रहेंगे ऑपरेशन
डीजीपी दिलबाग ने कहा, ''साल 2020 की शुरुआत अच्छे ऑपरेशन्स के साथ हुई है. कुछ दिन पहले हिज़्ब का हमाद खान अपने दो अन्य साथियों के साथ गुलशनपुरा त्राल में मारा गया था. उससे पहले एक ज़िंदा आतंकी श्रीनगर में पकड़ा गया. श्रीनगर से जैश का मॉड्यूल चलाने वाले 5 लोग आईईडी और आत्मघाती बेल्ट सहित पकड़े गए. गुलशनपुरा त्राल में एक आतंकी जहांगीर पकड़ा गया. डीएसपी दविंदर सहित आतंकी भी हाइवे पर पकड़े गए, इसलिए मैं समझता हूं कि साल 2020 की शुरुआत अच्छी हुई है और मैं समझता हूं कि लोग इसी तरह सहयोग देते रहेंगे और ऑपरेशन ऐसे ही जारी रहेंगे.''