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कश्मीर में 31 साल बाद नवंबर में हुई बर्फबारी ने बढ़ाई लोगों की चिंता

कश्मीर में 1987 के बाद पहली बार नवंबर के पहले महीने में भीषण बर्फ़बारी देखने को मिली है. पारा एक दिन में ही करीब 14 डिग्री की लुढ़क गया. बर्फीली हवाओं के चलने से पूरी घाटी में हड्डियां जमा देने वाली ठण्ड पैदा हुई.  

कश्मीर में 31 साल बाद नवंबर में हुई बर्फबारी ने बढ़ाई लोगों की चिंता

श्रीनगर : दशकों बाद कश्मीर में नवंबर महीने की शुरुवात में बारी बर्फवारी के कारण पारा नीचे जाने से पूरी घाटी में लोग की चिंता बड़ा दी है. कश्मीर में 1987 के बाद पहली बार नवंबर के पहले महीने में भीषण बर्फ़बारी देखने को मिली है. पारा एक दिन में ही करीब 14 डिग्री की लुढ़क गया. बर्फीली हवाओं के चलने से पूरी घाटी में हड्डियां जमा देने वाली ठण्ड पैदा हुई.  

मौसम विभाग की निर्देशक सोनम लोटस का कहना है, "ऐसी सर्दी नवंबर में नहीं पड़ती है. आम तौर पर यह नवंबर के आखिरी हफ्ते में ऐसा मौसम देखने को मिलता है. अगले दो दिन के बाद बर्फ और बारिश होगी. मगर ज्यादा नहीं. मौसम और ठंडा हो सकता है."

कश्मीर की आम जनता भी हैरान है. अचानक मौसम के बदलाव ने लोगों को परेशानी में डाल दिया है. हर कोई इंतज़ाम में लग गया है. जो काम उन्हें दिसम्बर में करने पड़ते थे, वह आज ही करने पड़ हैं.  प्रशासन सलाह दे रहा है कि इस वर्ष की सर्दियों के लिए पहले से ही तैयार रहें. ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके. दिसम्बर में शुरू होने वाले चिल्लेकलां के 40 दिन वैसे ही कड़ी ठण्ड के रहते हैं.

कुछ दिन पहले हुई बर्फ़बारी ने कश्मीर में फसलों को तो तबाह कर दिया है. साथ ही पूरी घाटी 12 घाटों से ज्यादा समय तक बिजली गुल होने के कारन अंधेरे में रही. अब मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिन में फिर घाटी में बर्फ और बारिश की आशंका है, जिसे ठण्ड में बढ़ोतरी होगी. कश्मीर में बर्फ और ठंडी हवाओं का असर पूरे भारत में पड़ता है जिसका मतलब आने वाले दिन में लोगों को कश्मीर लेकर पूरे उतर भारत में ठण्ड का असर बढ़ेगा.