कांग्रेस नेता जयंती नटराजन ने राहुल गांधी पर लगाए संगीन आरोप

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता जयंती नटराजन कांग्रेस पार्टी से शुक्रवार को इस्‍तीफा दे सकती हैं। सूत्रों के अनुसार, जयंती ने पार्टी छोड़ने का फैसला कर लिया है। जयंती ने कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि राहुल गांधी के कहने पर कई बड़े प्रोजेक्‍ट रोके गए। उनके इस आरोप से कांग्रेस पार्टी को झटका लगा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, बताया गया है कि जयंती कांग्रेस छोड़ने के बाद अभी किसी और पार्टी में शामिल नहीं होंगी। 

कांग्रेस नेता जयंती नटराजन ने राहुल गांधी पर लगाए संगीन आरोप

नई दिल्‍ली : पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता जयंती नटराजन ने शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी से इस्‍तीफा दे दिया है। जयंती ने पार्टी छोड़ने का फैसला कर लिया था। जयंती ने कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि राहुल गांधी के कहने पर कई बड़े प्रोजेक्‍ट रोके गए। उनके इस आरोप से कांग्रेस पार्टी को झटका लगा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, बताया गया है कि जयंती कांग्रेस छोड़ने के बाद अभी किसी और पार्टी में शामिल नहीं होंगी।

सूत्रों के अनुसार, यूपीए सरकार में पर्यावरण मंत्री रहीं जयंती नटराजन ने शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेंस कर पार्टी छोड़ने का ऐलान किया। दूसरी ओर, वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने जयंती के आरोपों के बाद आज कहा कि यूपीए सरकार की दस साल की मनमानी सामने आ गई है। वहीं, पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने आज कहा कि जयंती नटराजन द्वारा किए गए खुलासे गंभीर चिंता का विषय हैं और हम उन विशेष फाइलों की समीक्षा करेंगे। जावड़ेकर का यह बयान जयंती नटराजन के उस खुलासे के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी और उनका कार्यालय अकसर उद्योग जगत को पर्यावरण अनुमति देने में हस्तक्षेप करता था और उन्हें निर्देशित किया जाता था. इतना ही नहीं उन्हें अलग-अलग लोगों से मिलने के लिए निर्देशित भी किया जाता था।

एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, जयंती ने राहुल गांधी पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि जब वह यूपीए सरकार में पर्यावरण मंत्री थीं, तब राहुल गांधी ने उनसे कई प्रोजेक्ट्स की पर्यावरण से जुड़ी मंजूरी रोकने के लिए कहा था। उन्होंने कहा कि राहुल की ओर से तो यह अनुरोध के तौर बताया जाता था लेकिन ये उनके लिए आदेश के बराबर होता था। फिर भी मैंने उनके अनुरोधों का सम्मान किया। ये सभी बातें उस चिट्ठी में सामने आई हैं जो जयंती ने सोनिया गांधी को लिखी थी। बताया जाता है कि जयंती ने सोनिया को यह चिट्ठी नवंबर, 2014 में लिखी थी। पत्र की यह प्रति एक अंग्रेजी अखबार के पास उपलब्ध है।

उन्होंने यह भी बताया कि जब पार्टी में काम करने के बहाने दबाव डालकर उनसे इस्तीफा दिलवाया गया था, तब अगले ही दिन फिक्की में उद्योगपतियों के बीच जाकर राहुल ने कहा कि अब आपको (उद्योगपतियों को) कोई दिक्कत नहीं होगी। जयंती ने यह भी आरोप लगाया कि उनके ऊपर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कैबिनेट मंत्रियों की ओर से भी कई बड़े प्रोजेक्ट्स को पर्यावरण की मंजूरी देने का दवाब था लेकिन वे दवाब में नहीं आईं। जयंती ने चिट्ठी में एक गंभीर आरोप यह भी लगाया है कि एक व्यक्ति ने उनके खिलाफ मीडिया में गलत और प्रायोजित प्रचार किया। गौर हो कि जयंती नटराजन को दिसंबर 2013 में सरकार से हटाकर कांग्रेस पार्टी के संगठन में लाया गया था। तब ये प्रचार हुआ था कि जयंती के कारण कई प्रोजेक्ट्स अटके हुए हैं क्योंकि वे इन प्रोजेक्ट्स को मंजूरी नहीं देती हैं। जयंती के ये आरोप कांग्रेस के लिए बहुत बड़े झटके के तौर पर सामने आई है।

उधर, जयंती के पत्र के बाद हुए खुलासे सामने आने के बाद वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि यूपीए सरकार की दस साल की मनमानी सामने आ गई है। आखिर ये अफवाहें और सच सामने आ गई है कि किस तरह यूपीए सरकार में मनमानी की गई। उन्‍होंने कहा कि पर्यावरण प्रोजेक्‍टों में में देरी का सच सामने आ गया है। जयंती की चिट्ठी से काला सच सामने आया है। वित्‍त मंत्री ने कहा कि बदले की भावना के साथ पिछले दस साल में देश की अर्थव्‍यवस्‍था चलाई गई। प्रोजेक्‍ट में देरी होना अर्थव्‍यस्‍था के साथ खिलावड़ है। यूपीए सरकार ने कई सालों से देश का विकास रोका। लाखों करोड़ के प्रोजेक्‍ट में जानबूझकर रोड़ा अटकाया गया। अब ऐसे में पर्यावरण विभाग अनुमतियों पर फिर से पुनर्विचार करे और कानून के मुताबिक प्रोजेक्‍टों को अनुमति मिलनी चाहिए।