J&K: अपने लड़ाकों के गुस्‍से से घबराए आतंकियों ने किया ISIS से किनारा, जानिए पूरी वजह

आतंकी संगठनों ने कहा, कश्‍मीर में जो लोग ISIS का झंडा फहराकर उनके समर्थन में नारेबाजी कर रहे हैं, वे लोग सुरक्षाबलों के समर्थक हैं और आतंक की लड़ाई को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं.

J&K: अपने लड़ाकों के गुस्‍से से घबराए आतंकियों ने किया ISIS से किनारा, जानिए पूरी वजह
बलूचिस्‍तान और खैबर पख्‍तूनख्‍वा में हुई हत्‍याओं और इन संदेशों ने आतंकी लड़ाकों के दिल को भी दहला दिया है. (प्रतीकात्‍मक फोटो)

नई दिल्‍ली: जम्‍मू-कश्‍मीर में सक्रिय आतंकी संगठन इन दिनों अपने ही लड़ाकों के गुस्‍से से बेहद घबराए हुए हैं. लड़ाकों के गुस्‍से का नतीजा है कि आतंकी संगठनों को अपने रहनुमा ISIS से किनारा करने के लिए मजबूर होना पड़ा है. ISIS रिश्‍तों को लेकर परेशानी में फंसे आतंकी संगठनों ने अपने लड़ाकों का गुस्‍सा कम करने के लिए सोशल मीडिया के जरिए कश्‍मीर घाटी में एक नई चाल चली है. 

इस नई चाल के तहत, आतंकी संगठनों ने कश्‍मीर घाटी में एक मैसेज तेजी से प्रसारित करना शुरू किया है. इस संदेश में ISIS को दुश्‍मन बताते हुए कहा गया है कि जम्‍मू-कश्‍मीर में न ही ISIS का वजूद है और न ही ISIS उनकी लड़ाई का हिस्‍सा है. कश्‍मीर में जो लोग ISIS का झंडा फहराकर उनके समर्थन में नारेबाजी कर रहे हैं, वे लोग सुरक्षाबलों के समर्थक हैं और आतंक की लड़ाई को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं.

यह भी पढ़ें: J&K: रफीका को असल जन्नत का मतलब तब समझ में आया, जब जिंदगी हमेशा के लिए जहन्नुम बन चुकी थी

 

 

J&K Terrorist anger
आतंकियों ने कहा, ISIS का झंडा दिखाने वाले कश्‍मीर में आतंक की लड़ाई को कर रहे हैं कमजोर.

यह भी पढ़ें: J&K: ISIS का चोला पहने कश्‍मीरी युवकों का आतंकी कर रहे 'बलि के बकरे' की तरह इस्‍तेमाल
ISIS का झंडा फराने वाले 8 नाम किए जारी, बताया अपना दुश्‍मन
आतंकी संगठनों ने सोमवार देर रात किए अपने ट्वीट में आठ नामों का जिक्र किया है. इन आठ नामों में तीन युवतियों के नाम का भी जिक्र किया गया है. अपने समर्थकों के जरिए कराए गए इस ट्वीट में हिजबुल मुजाहिद्दीन ने कहा है कि आतंकी अबैद के जनाजे में ISIS का झंडा फहराने वाले पांच युवकों और तीन युवतियों से उनका कोई वास्‍ता नहीं है. ISIS का झंडा हाथ में लेकर उसके समर्थन में नारे बाजी करने वाले ये आठों युवक-युवती भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के एजेंट हैं. ये सभी सुरक्षाबलों के इशारे पर कश्‍मीर में सक्रिय आतंकियों को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं.

यह भी पढ़ें: J&K: ISIS के इशारे पर सात महीनों से कश्‍मीर में आतंकी हमले करा रहा था 'दाऊद'

Jammu Kashmir Terrorist anger
आतंकियों ने ISIS के समर्थन में नारेबाजी करने वाली 3 युवतियों सहित 8 लोगों के नाम किए हैं जारी, इन्‍हें बताया अपना दुश्‍मन.

यह भी पढ़ें: J&K: नए आतंकियों की 'भर्ती' के लिए हिजबुल के निशाने पर हैं कश्‍मीर के उच्‍च शिक्षण संस्‍थान!
आखिर ISIS से क्‍यों नाराज हैं आतंकी संगठनों के लड़ाके
ISIS को लेकर आतंकी लड़ाकों की नाराजगी की मुख्‍य वजह बलूचिस्‍तान और खैबर पख्‍तूनख्‍वा में हुए आतंकी हमले हैं. 13 जुलाई को हुए इन आतंकी हमलों में करीब 132 निर्दोषों की मौत हुई थी, जबकि सैकड़ो लोग गंभीर रूप से जख्‍मी हो गए थे. बलूचिस्‍तान और खैबर पख्‍तूनख्‍वा में हुए सि‍लसिलेवार आतंकी धमाकों की जिम्‍मेदारी दुनिया के सबसे कुख्‍यात आतंकी संगठन ISIS ने ली थी. 

दोनों आतंकी हमलों की सच्‍चाई जानने के बाद पाकिस्‍तान के आम नागरिकों के दिल ISIS को लेकर नफरत से भर गया. वहीं ISIS की इस कायराना हरकत को लेकर पाकिस्‍तान के आम नागरिकों ने सोशल मीडिया एक मुहिम शुरू कर दी. इस मुहिम के तहत भेजे गए संदेशों में जम्‍मू-कश्‍मीर के उन नौजवानों को भी नसीहत दी गई.

यह भी देखें: J&K: अपनों को आग में झोंक कश्‍मीरी आवाम को सुरक्षाबलों के खिलाफ भड़काने की साजिश, देखें VIDEO

anger for ISIS in J&K
आतंकियों ने ISIS का झंडा फहराने वालों को बताया फर्जी आतंकी.

यह भी पढ़ें: जानिए, क्‍यों पाकिस्‍तान में 'संजू' के बॉक्‍स ऑफिस कलेक्‍शन से घबराए आतंकी
पाकिस्‍तान से आई नसीहत, देखें ISIS का वहशीपन
इस नसीहत में कहा गया कि भारतीय कश्‍मीर में ISIS का झंडा फहराने वाले नौजवान इस कुख्‍यात आतंकी संगठन का वहशीपन देख लें. ISIS के आतंकियों का न ही कोई धर्म है और न ही कोई इमान है. ISIS का सबसे बड़ा इमान दशहतगर्दी, खूनखराबा और लोगों की हत्‍या करना है.  ISIS को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है कि उनकी गोली या साजिश का शिकार होने वाला किस धर्म का है. 

ISIS को लेकर पाकिस्‍तान की सोशल मीडिया में हो रही बातों को कश्‍मीर घाटी पहुंचने में देर नहीं लगी. बलूचिस्‍तान और खैबर पख्‍तूनख्‍वा में हुई हत्‍याओं और इन संदेशों ने आतंकी लड़ाकों के दिल को भी दहला दिया. यहीं से इन आतंकियों के मन में  ISIS को लेकर गुस्‍सा पनपने लगा. वहीं अपने लड़ाकों के मन में पनप रहे गुस्‍से को भांपने के बाद आतंकी संगठनों को कश्‍मीर में अपने पैर कमजोर होते हुए दिखने लगे. जिसके चलते उन्‍होंने ISIS से कुछ दिनों के लिए किराना करने में अपनी भलाई समझी.