close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

युवाओं को नशे की लत से दूर रखने के लिए कश्मीर घाटी में चलाया गया ये खास अभियान

जम्मू और कश्मीर के विभिन्न जिलों के 800 से अधिक खिलाड़ियों ने श्रीनगर के इंडोर स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में भाग लिया. इन खेलों का मकसद घाटी के युवओं को नशे की लत से दूर रखना है. 

युवाओं को नशे की लत से दूर रखने के लिए कश्मीर घाटी में चलाया गया ये खास अभियान
नशीले पदार्थों की लत से लड़ने में खेल महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.

श्रीनगर: जम्मू और कश्मीर के विभिन्न जिलों के 800 से अधिक खिलाड़ियों ने श्रीनगर के इंडोर स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में भाग लिया. इन खेलों का मकसद घाटी के युवओं को नशे की लत से दूर रखना है. खेल आयोजकों ने कहा कि नशा इस वक्त घाटी में एक बड़ी समस्या है और हमें इसे जल्द से जल्द दूर करने की जरूरत है. नशीले पदार्थों की लत से लड़ने में खेल महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. खेल बच्चों में अनुशासन पैदा करता है. जम्मू और कश्मीर अकादमी ऑफ यूनिफाइड मार्शल आर्ट्स अपने मिशन को आगे बढ़ाते हुए मार्शल आर्ट्स के माध्य्म से नशे की लत से युवाओं को छुटकारे दिलाने के लिए यह अभियान चला रहा है. इससे न केवल उनका शारीरिक विकास बल्कि मानसिक संतुलन भी बेहतर होगा.

शीराज़ अहमद अकादमी के महासचिव कहते हैं, "हमारा यह मकसद है कि हम बच्चों को नशे से बहार निकल सके और उनके माता-पिता, अध्यापक को जागृत कर सकें.  ड्रग्स की लत जो है यह बड़ों से ही लग जाती है. जब हम बड़ों को ठीक कर सकेंगे तो बच्चे ठीक हो पाएंगे. ड्रग्स की लत के शिकार लोगों में कांउसलिंग के बाद फिर से नशे की लत लग जाती है. हमारी यही कोशिश है कि जितने भी लोग हैं हम उनको जागृत करें." 

अकादमी में नशे की लत डूबे बच्चे आ रहे हैं और उनको ठीक करने की कोशिश की जा रही है. अकादमी को काफी अच्छा रिस्पांस मिल रहा है. अकादमी विभिन ज़िलों में यह जाग्रति अभियान चलाने का मन बना रही है ताकि श्रीनगर के बहार भी युवाओं को इस दलदल से बहार निकला जा सके. इसके लिए विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है, ताकि छात्रों में नशीले पदार्थों की लत के बारे में जागरूकता फैलाई जा सके. सरकार के इस कदम को युवाओं ने भी काफी सराहा है और बढ़चढ़ कर इसमें हिसा ले रहे हैं. 

अकादमी में हिस्सा लेने वाले युवा खिलाड़ी इब्राहिम कहते हैं "यह ईवेंट बहुत अच्छा है. कश्मीर में जो लड़के हैं वो बुराई की तरफ जा रहे हैं. ड्रग्स की तरफ जा रहे हैं. मेरी युवओं से गुज़ारिश है कि वो आएं और खेल कूद में हिस्सा लें."

मोहमद अब्बास कहते हैं, "हमारा मकसद हैं हम युवाओं को सुरक्षित रखें. हम सुरक्षित रहें. हमारी कोशिश है कि ड्रग्स में यो युवा शामिल हैं, वो इससे बचें और खेल के साथ वो एंगेज हो जाएं." 

श्रीनगर में हुए एक हालिया सर्वे में पाया गया कि दो-तिहाई से अधिक नशे के रोगियों ने 11-20 वर्ष की आयु में मादक द्रव्यों का सेवन शुरू कर दिया था. एक अन्य सर्वे में दावा किया गया है कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग से प्रभावित होने वाले घाटी के युवाओं का प्रतिशत 2008 में पांच प्रतिशत से लगभग 40 प्रतिशत बढ़ गया है. घाटी में तेज़ी से बढ़ते इस बीमारी से निजात पाने के लिए सरकार ने कई कार्यक्रम चला रखे हैं. अब खेलकूद को बढ़ावा देकर युवाओं को इस दलदल से दूर रखने की कोशिश को रही है. श्रीनगर जिला कमिश्नर शहीद चौदरी कहते हैं, "स्पोर्ट्स डेफिनिटली कंस्ट्रक्टिवे एक एंगेजमेंट हैं. यूथ के लिए उसको हम प्रमोट कर रहे हैं और साथ ही साथ ड्र्ग तस्करों के खिलाफ भी करवाई हो रही है."