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जज vs सीजेआई विवाद: बीसीआई को CJI ने दिलाया यकीन, जल्द सुलझा लिया जाएगा संकट

सीजेआई ने बीसीआई आश्वस्त किया कि उच्चतम न्यायालय के चार वरिष्ठ न्यायाधीशों के उनके खिलाफ सार्वजनिक टिप्पणी किये जाने से उपजे संकट का समाधान जल्द ही निकाल लिया जाएगा.

जज vs सीजेआई विवाद: बीसीआई को CJI ने दिलाया यकीन, जल्द सुलझा लिया जाएगा संकट
देश के प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने रविवार (14 जनवरी) को प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) दीपक मिश्रा से मुलाकात की. सीजेआई ने उन्हें आश्वस्त किया कि उच्चतम न्यायालय के चार वरिष्ठ न्यायाधीशों के उनके खिलाफ सार्वजनिक टिप्पणी किये जाने से उपजे संकट का समाधान जल्द ही निकाल लिया जाएगा. प्रधान न्यायाधीश से 50 मिनट की बातचीत के बाद प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई करने वाले बीसीआई अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने संवाददाताओं को बताया कि बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई और न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा ने उन्हें आश्वस्त किया कि सबकुछ जल्द ही सुलझा लिया जाएगा.

सीजेआई ने कहा, सबकुछ जल्द ही सुलझ जाएगा
उन्होंने कहा, ‘हमने सौहार्दपूर्ण माहौल में सीजेआई से मुलाकात की और उन्होंने कहा कि सबकुछ जल्द ही सुलझा लिया जाएगा.’ मनन मिश्रा ने बताया कि सीजेआई से मुलाकात के पहले प्रतिनिधिमंडल ने चार में से तीन वरिष्ठ न्यायाधीशों से भी मुलाकात की, जिन्होंने शुक्रवार (12 जनवरी) को अभूतपूर्व संवाददाता सम्मेलन कर न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा के खिलाफ टिप्पणी की थी. उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर, न्यायमूर्ति एम बी लोकुर और न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ से मुलाकात की. मनन मिश्रा ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के साथ बीसीआई की दिनभर हुई बातचीत के बारे में सोमवार (15 जनवरी) को संवाददाता सम्मेलन में बताया जाएगा.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि शीर्ष न्यायालय के दो अन्य न्यायाधीशों न्यायमूर्ति एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव ने न्यायमूर्ति चेलमेश्वर से उनके आवास पर मुलाकात की, जिन्होंने संवाददाता सम्मेलन की अगुवाई की थी. बीसीआई प्रतिनिधिमंडल ने न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा से भी मुलाकात की, जो विशेष सीबीआई न्यायाधीश बी एच लोया की मौत की जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई को लेकर चर्चा के केंद्र में हैं.

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नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जज प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान. (PTI/12 Jan, 2018)

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वहीं दूसरी ओर उच्चतम न्यायालय के एक पूर्व न्यायाधीश और उच्च न्यायालयों के तीन सेवानिवृत्त न्यायाधीशों ने देश के प्रधान न्यायाधीश को एक खुला पत्र लिख कर कहा है कि वह मामलों के आवंटन को लेकर शीर्ष न्यायालय के चार न्यायाधीशों द्वारा उठाए गए मुद्दों से सहमत हैं. साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि इस संकट को न्यायपालिका के अंदर ही सुलझाए जाने की जरूरत है. शीर्ष न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश पीबी सांवत, दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एपी शाह, मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायधीश के. चंद्रू और बंबई उच्च न्यायाल के पूर्व न्यायाधीश एच सुरेश द्वारा यह पत्र मीडिया को दिया गया. यह पत्र सोशल मीडिया पर भी फैल गया है.

एससीबीए के विचारों को ही खत में किया है जाहिर
न्यायमूर्ति शाह ने अन्य सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के साथ एक पत्र लिखे जाने की पुष्टि की है. उन्होंने कहा, ‘हमने खुला पत्र लिखा है जिस पर पत्र में जिक्र किए गए अन्य न्यायाधीशों की भी सहमति ली गई है.’ उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त न्यायाधीशों द्वारा जाहिर किया गया विचार ठीक वैसा ही है, जैसा कि सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने जाहिर किया था... कि इस संकट के हल होने तक महत्वपूर्ण विषयों को वरिष्ठ जजों की पांच सदस्यीय एक संविधान पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाना चाहिए. न्यायमूर्ति शाह ने कहा कि तीन अन्य जजों द्वारा दी गई सहमति के बारे में शुरू में वह आश्वस्त नहीं थे, इसलिए उन्होंने कोई पत्र होने की बात से शुरू में इनकार किया था, लेकिन अब उन सभी ने इसे सहमति दे दी है.

(इनपुट एजेंसी से भी)