जुगाड़ गाड़ी चलाने वालों को चालान का खौफ, पुलिस से बचने के लिए पहन रहे हेलमेट

 न गाड़ी का आरसी बुक है, न प्रदूषण का NOC. न बीमा है और न ही कोई परमिट, मगर नए मोटर वाहन अधिनियम का डर एक जुगाड़ गाड़ी के चालक को भी सता रहा है. 

जुगाड़ गाड़ी चलाने वालों को चालान का खौफ, पुलिस से बचने के लिए पहन रहे हेलमेट

हाजीपुर: न गाड़ी का आरसी बुक है, न प्रदूषण का NOC. न बीमा है और न ही कोई परमिट, मगर नए मोटर वाहन अधिनियम का डर एक जुगाड़ गाड़ी के चालक को भी सता रहा है. तभी तो बिहार के वैशाली में जंदाहा-हाजीपुर नेशनल हाइवे पर एक चालक हेलमेट लगा कर जुगाड़ गाड़ी चलाता नजर आया. यह गाड़ी कोई कंपनी नही बनाती बल्कि मोटर गाड़ी मरम्मत करने वाले कारीगर के दिमाग की उपज है. यह गाड़ी अन्य गाड़ी के तरह ही सड़कों पर तेजी से दौड़ती है. इस गाड़ी का सरकार के यहाँ न तो रजिस्ट्रेशन हो सकता है.

और न ही इसे चलाना खतरे से खाली है, क्योंकि यह मोटर लगा ठेला गाड़ी मोटर व्हीकल संशोधन बिल 2019 के मानकों पर खरा उतर ही नही सकता है, यह गाड़ी मिनी जनरेटर के इंजन से बनाया जाता है. नये ट्रैफिक नियम का डर इस जुगाड़ गाड़ी के चालक को जरूर है.

मगर इसलिए नहीं की पुलिस गाड़ी के तमाम कागजात ढूंढेगी? बल्कि इसलिए की अगर हैलमेट लगाकर चलेगा तो कोई पुलिसकर्मी उसे रोकेगा ही नहीं.बाइक चलाने वाले के तरह ही यह गाड़ी खुला हुआ है और धड़ल्ले से चल रहा है.