IAS अधिकारी डीके रवि की संदिग्‍ध मौत को लेकर विरोध प्रदर्शन, सीबीआई जांच की मांग

कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले आईएएस अधिकारी डीके रवि की संदिग्‍ध मौत पर आज कोलार जिले में आयोजित बंद के दौरान विरोध प्रदर्शनों में पथराव की छिटपुट घटनाएं हुईं। पुलिस ने कहा है कि वह अधिकारी की मौत की ‘हर कोण’ से जांच कर रही है। कोलार जिले में गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग को बाधित करने के लिए वहां टायर जलाकर रख दिए, जिन्हें बाद में पुलिस द्वारा हटाया गया। उधर, बीजेपी नेताओं ने निष्‍पक्ष जांच की मांग की है। बीजेपी नेता प्रह्लाद जोशी ने कहा कि रवि एक ईमानदार अधिकारी थे। मुझे नहीं लगता कि वे आत्‍महत्‍या कर सकते हैं। कर्नाटक में किसी जांच से हम न्‍याय की उम्‍मीद नहीं कर सकते हैं। उन्‍होंने कहा कि इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। कोलार ही वह जिला है, जहां 35 वर्षीय डीके रवि ने उपायुक्त के रूप में रेत माफिया से टक्कर ली थी। इसके बाद उन्हें बेंगलुरु में अतिरिक्त आयुक्त (वाणिज्य कर) (प्रवर्तन) के रूप में तैनात किया गया था।

IAS अधिकारी डीके रवि की संदिग्‍ध मौत को लेकर विरोध प्रदर्शन, सीबीआई जांच की मांग

बेंगलुरु/कोलार : कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले आईएएस अधिकारी डीके रवि की संदिग्‍ध मौत पर आज कोलार जिले में आयोजित बंद के दौरान विरोध प्रदर्शनों में पथराव की छिटपुट घटनाएं हुईं। पुलिस ने कहा है कि वह अधिकारी की मौत की ‘हर कोण’ से जांच कर रही है। कोलार जिले में गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग को बाधित करने के लिए वहां टायर जलाकर रख दिए, जिन्हें बाद में पुलिस द्वारा हटाया गया। उधर, बीजेपी नेताओं ने निष्‍पक्ष जांच की मांग की है। बीजेपी नेता प्रह्लाद जोशी ने कहा कि रवि एक ईमानदार अधिकारी थे। मुझे नहीं लगता कि वे आत्‍महत्‍या कर सकते हैं। कर्नाटक में किसी जांच से हम न्‍याय की उम्‍मीद नहीं कर सकते हैं। उन्‍होंने कहा कि इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। कोलार ही वह जिला है, जहां 35 वर्षीय डीके रवि ने उपायुक्त के रूप में रेत माफिया से टक्कर ली थी। इसके बाद उन्हें बेंगलुरु में अतिरिक्त आयुक्त (वाणिज्य कर) (प्रवर्तन) के रूप में तैनात किया गया था।

पुलिस ने कहा कि कोलार में स्थानीय विधायक वी प्रकाश के घर पर पथराव किया गया था लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया था। रेत और भू-माफियाओं से सीधे टक्कर लेने वाले रवि ने कल सुबह दफ्तर से घर लौटने के बाद अपने सरकारी आवास पर पंखे से लटककर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। प्रदर्शनकारियों में कुछ नेता भी शामिल थे और इन लोगों ने रवि की रहस्यमयी मौत की सीबीआई जांच की मांग की है। रवि ने बेंगलुरू में भू-माफिया से सीधे टक्कर लेते हुए कर चोरी के लिए उन पर कड़ी कार्रवाई की थी। बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त एमएन रेड्डी ने कहा कि फोरेंसिक और चिकित्सीय आधार पर एवं स्थिति की हर बिंदु से जांच करने पर ‘प्रथम दृष्ट्या यह मामला आत्महत्या का जान पड़ता है।’ उन्होंने कहा कि रवि एक ‘साहसी अफसर’ थे और लोगों का यह सोचना स्वाभाविक है कि उनके जैसा व्यक्ति आत्महत्या नहीं कर सकता।

उन्होंने कहा कि लेकिन ‘चिकित्सीय रिपोर्ट का इंतजार कीजिए। किसी एक भी पहलू को छोड़ा नहीं जाएगा। हर कोण को शामिल किया जाएगा।’ उन्होंने कहा कि हमें अब तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और प्रथम दृष्ट्या हमें किसी गड़बड़ी के संकेत नहीं मिले हैं। रेड्डी ने कहा कि पुलिस अपार्टमेंट परिसर की सीसीटीवी फुटेज की जांच करेगी और रवि के मोबाइल रिकॉर्ड खंगालेगी। कोलार जिले में उपायुक्त पद पर रहते हुए रेत माफिया से टक्कर लेने वाले कर्नाटक कैडर में वर्ष 2009 के बैच के अधिकारी रवि की पहचान जनता के बीच एक ईमानदार एवं जिम्मेदार अधिकारी की थी।

अक्तूबर में उन्हें कोलार से अतिरिक्त आयुक्त, वाणिज्य कर के रूप में बेंगलुरू में तैनात कर दिया गया था। इस कदम का स्थानीय लोगों ने कड़ा विरोध किया था। पुलिस ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल की घोषणा की है, जिसका नेतृत्व पुलिस उपायुक्त (दक्षिण-पूर्व) रोहिणी कटोच के हाथ में है। शैक्षणिक योग्यता के आधार पर वह एक चिकित्सक हैं।