कश्मीर: घर से 50 मीटर की दूरी पर आतंकियों ने सरपंच को गोलियों से भूना, हुई मौत

40 साल के सरपंच अजय पंडित को अज्ञात हमलावरों ने उनके घर के पास 50 मीटर की दूरी से गोली मारी. वह अनंतनाग जिले के लुकाभवन लर्कीपोरा के निवासी थे.

कश्मीर: घर से 50 मीटर की दूरी पर आतंकियों ने सरपंच को गोलियों से भूना, हुई मौत
फाइल फोटो

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकियों (Terrorists) ने सोमवार को सरपंच की गोली मारकर हत्या कर दी. पुलिस ने हमलावरों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया है. 

40 साल के सरपंच अजय पंडित को अज्ञात हमलावरों ने उनके घर के पास 50 मीटर की दूरी से गोली मारी. वह अनंतनाग जिले के लुकाभवन लर्कीपोरा के निवासी थे.

चश्मदीद का कहना है, 'वह लुकाभवन में एक दुकान पर थे जोकि उनके घर से 50 मीटर की दूरी पर थी. मृतक के परिवार में 2 बेटी और पत्नी है.' 

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एक टॉप के अधिकारी ने बताया, 'आतंकियों ने सरपंच अजय पंडित को गोली मार दी. वह 40 साल के थे और कांग्रेस पार्टी से संबंधित थे.' 

घटना के बाद सरपंच को अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.  

इस घटना पर कांग्रेस के जम्मू कश्मीर अध्यक्ष ने कड़ी निंदा जाहिर की है. उन्होंने कहा, 'वह कुछ समय से सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे थे और उन्होंने अधिकारियों को सूचना दी थी. उन्हें लोगों द्वारा सर्वसम्मति से चुना गया था.'

कई नेताओं ने इस घटना की निंदा की है. बीजेपी जम्मू कश्मीर के अध्यक्ष ने कहा, 'कायर पाकिस्तानी आतंकवादियों शर्म करो. शर्म करो इमरान खान. हिंदू (कश्मीरी पंडित) सरपंच अजय पंडित की पाकिस्तानी आतंकियों ने हत्या कर दी. यह कुछ नहीं बल्कि तुम्हारी निराशा है. तुम्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.'

जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा, ' अनंतनाग में सरपंच की हत्या से दुखी हूं. मैं इस आतंकी हमले की निंदा करता हूं. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे.'

बता दें कि इससे पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक दिलबाग सिंह का बयान सामने आया था. उन्होंने सोमवार को कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में इस वर्ष अब तक कई शीर्ष कमांडर समेत 88 आतंकवादी मार गिराए गए हैं और 280 अन्य गिरफ्तार किए गए हैं. 

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सिंह ने कहा कि पिछले दो सप्ताह में छह शीर्ष कमांडर समेत 22 आतंकवादी मारे गए, जोकि पाकिस्तान और इसकी एजेंसियों के लिए करारा झटका है क्योंकि वे सीमा पार से बड़ी संख्या में आंतकवादियों को भेजकर हिंसा में बढ़ावा देने का कोई अवसर नहीं छोड़ता है. (इनपुट:भाषा से भी)