कश्मीर के कुपवाड़ा में सेना कैम्प पर आतंकी हमला, कैप्टन समेत तीन सैनिक शहीद, दो आतंकी ढेर

कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में भारी हथियारों से लैस तीन आतंकवादियों ने एक सैन्य शिविर पर हमला किया. सेना ने जवाबी कार्रवाई की और 35 मिनट तक चली भीषण मुठभेड़ में दो आतंकवादियों को मार गिराया गया, लेकिन हमले में एक कैप्टन समेत तीन सैनिक भी शहीद हो गए.

कश्मीर के कुपवाड़ा में सेना कैम्प पर आतंकी हमला, कैप्टन समेत तीन सैनिक शहीद, दो आतंकी ढेर

श्रीनगर: कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में भारी हथियारों से लैस तीन आतंकवादियों ने एक सैन्य शिविर पर हमला किया. सेना ने जवाबी कार्रवाई की और 35 मिनट तक चली भीषण मुठभेड़ में दो आतंकवादियों को मार गिराया गया, लेकिन हमले में एक कैप्टन समेत तीन सैनिक भी शहीद हो गए.

मुठभेड़ के तुरंत बाद, भीड़ ने सुरक्षा बलों पर पथराव शुरू कर दिया, जिसके कारण दोनों पक्षों में झड़प हुई. इसमें 75 वर्षीय बुजुर्ग की गोली लगने से मौत हो गई. सेना के अधिकारियों ने यहां और नई दिल्ली में बताया कि काले रंग का पठानी सूट और लड़ाकू जैकेट पहने सुबह करीब चार बजे तीन आतंकवादी कुपवाड़ा के पंजगाम स्थित सैन्य शिविर की तोपखाना इकाई में पीछे की ओर से घुसे और अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी.

अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादी पहाड़ी क्षेत्र में 400.800 मीटर के दायरे में स्थित शिविर के दूसरे सुरक्षा घेरे को पार करने में सफल रहे. अंधाधुंध गोलियां चलाते हुए आतंकवादी शिविर में स्थित अधिकारियों के आवास की ओर बढ़े, जहां करीब 1000 सैनिक रहते हैं. यह पाकिस्तान के साथ हमारी नियंत्रण रेखा से करीब 10 किलोमीटर दूरी पर है. अधिकारियों ने कहा कि सैनिकों ने हमलावरों का मुकाबला किया और उन्हें शिविर के एक दरवाजे की ओर धकेल दिया.

मुठभेड़ में कैप्टन आयुष यादव, सूबेदार भूप सिंह गुज्जर और नायक बी. वेंकट रमन्ना शहीद हुए हैं. पांच अन्य सैनिक घायल हुए हैं, उन्हें श्रीनगर स्थित सेना के 92 बेस अस्पताल ले जाया गया है. अधिकारियों ने बताया कि सेना की त्वरित कार्रवाई टीम के सक्रिय होते हुए आतंकवादियों ने भागना शुरू कर दिया. उन्होंने बताया कि दो आतंकवादी मारे गये जबकि तीसरा आतंकवादी अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में सफल रहा. कुपवाड़ा में कर्नल सौरभ ने कहा, पूरा अभियान करीब 35 मिनट तक चला. उन्होंने कहा, सैनिकों को तीन एके राइफल मिले हैं, जिससे पता चलता है कि तीसरा आतंकवादी भी था. उन्होंने कहा कि उसे पकड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है.

एक अन्य अधिकारी ने कहा, मारे गए आतंकवादियों से हमने तीन एके राइफल, नौ मैगजीन, एके की 156 गोलियां, एक चीनी पिस्तौल, तीन यूबीजीएल गोले, तीन हथगोले, दो रेडियो सेट, जो जीपीएस उपकरण और एक स्मार्टफोन बरामद किया है. पहचान गुप्त रखने की शर्त पर अधिकारी ने कहा कि हमलावर विदेशी मालूम हो रहे थे, लेकिन अभी उनके पहचान की पुष्टि होनी है.

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ खत्म होने के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन शुरू कर दिए और मारे गए आतंकवादियों का शव मांगने लगे ताकि उनका अंतिम संस्कार कर सकें. अधिकारी ने कहा, बुजुर्गों और महिलाओं सहित प्रदर्शनकारियों ने अपना प्रदर्शन जारी रखा, लेकिन सेना उनकी मांग के आगे नहीं झुकी. पथराव कर रही भीड़ और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़प में मोहम्मद युसुफ भट को सीने में गोली लगी. उन्हें अस्पतसल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. स्थानीय लोगों का आरोप है कि वह सुरक्षा बलों की गोलीबारी में मरा है. उत्तर प्रदेश में कानपुर जिला निवासी कैप्टन यादव करीब तीन साल पहले फौज में शामिल हुए थे. विशाखापत्तनम निवासी नायक रमन्ना (38) पिछले 18 वर्षों से सेना में थे जबकि सूबेदार गुज्जर (46) पिछले 26 वर्षों से सेना में थे.