कठुआ बलात्कार-हत्याकांड में पीड़िता के परिवार ने कहा - दोषियों को हो फांसी की सजा

कठुआ जिले के रसाना गांव में पीड़िता के मामा - मामी ने उसे तब गोद लिया था जब वह एक साल की थी. अब भी सदमे में नजर आ रही पीड़िता के मां ने अपनी बच्ची को अपने भाई के घर छोड़ने के लिए खुद को कोसा.

कठुआ बलात्कार-हत्याकांड में पीड़िता के परिवार ने कहा - दोषियों को हो फांसी की सजा
पीड़िता की मां का कहना है कि पहले हिंदुओं से उनके रिश्ते अच्छे थे और वे उनके साथ सद्भाव के साथ रहते थे

उधमपुरः जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के बहुचर्चित बलात्कार और हत्याकांड की 8 वर्षीय पीड़िता के परिवार की मांग है कि दोषियों को फांसी की सजा दी जाए. पीड़िता की जैविक मां ने कहा , ‘‘ वह बहुत खूबसूरत और समझदार थी. मैं चाहती थी कि वह बड़ी होकर डॉक्टर बने. ’’ शोक में डूबी पीड़िता की मां ने दोषियों के लिए मौत की सजा की मांग की. उन्होंने कहा , ‘‘ मेरी एक ही इच्छा है कि दोषियों को इस जघन्य अपराध के लिए फांसी दी जाए , ताकि किसी और परिवार को इससे गुजरना नहीं पड़े. ’’ 

कठुआ जिले के रसाना गांव में पीड़िता के मामा - मामी ने उसे तब गोद लिया था जब वह एक साल की थी. अब भी सदमे में नजर आ रही पीड़िता के मां ने अपनी बच्ची को अपने भाई के घर छोड़ने के लिए खुद को कोसा. उन्होंने कहा , ‘‘ उसे मारा क्यों गया ? वह तो मवेशियों को चरा रही थी और घोड़ों की देखभाल कर रही थी. वह 8 साल की थी. उन्होंने इतने बुरे तरीके से उसे क्यों मारा ? उन्हें मौत की सजा दी जानी चाहिए. ’’ 

बच्ची के पिता ने कहा कि वह रसाना में अपने मामा के घर पर थी. उन्होंने कहा , ‘‘ हत्यारों को मौत की सजा दी जानी चाहिए. हमें सीबीआई जांच की जरूरत नहीं है , अपराध शाखा की जांच में हमें भरोसा है.’’ मुस्लिम बकरवाल समुदाय से संबंध रखने वाली 8 साल की बच्ची से बलात्कार और फिर उसकी हत्या के मामले ने जम्मू में विवाद पैदा कर दिया है. पीड़िता का शव 17 जनवरी को रसाना गांव में पाया गया. इससे एक हफ्ते पहले वह घोड़ों को चराते वक्त लापता हो गई थी.  संयुक्त राष्ट्र ने कठुआ बलात्कार मामले को बताया 'भयावह', आरोपियों को न्याय के दायरे में लाने की उम्मीद

पीड़िता की मां का कहना है कि पहले हिंदुओं से उनके रिश्ते अच्छे थे और वे उनके साथ सद्भाव के साथ रहते थे. उन्होंने कहा , ‘‘ लेकिन इस घटना के बाद रिश्तों में खटास आ गई है और हमें डर लगता है. हम सिर्फ उसके लिए इंसाफ चाहते हैं. वह हमारी प्यारी बच्ची थी. वह खूबसूरत थी औ हम उससे प्यार करते थे. ’’ पीड़िता की मां ने कहा कि वह उसे वापस अपने पास लाकर पढ़ाना और डॉक्टर बनाना चाहती थीं. वह बहुत समझदार थी. 

बच्ची को गोद लेने वाले पिता ने कहा , ‘‘ प्रधानमंत्री ने कहा था कि ‘ बेटी पढ़ाओ , बेटी बचाओ ’, लेकिन क्या वे ऐसे ही लड़कियों को बचा और पढ़ा रहे हैं ?’’ उन्होंने कहा , ‘‘ मंत्री बलात्कार के आरोपियों का समर्थन कर रहे हैं. वे कहते हैं कि आरोपी निर्दोष हैं , लेकिन वे गलत हैं. ’’ पीड़िता के जैविक पिता ने कहा कि दुनिया जानती है कि हिंदुओं और मुस्लिमों का फर्क नहीं समझने वाली उनकी बच्ची की बर्बर तरीके से हत्या की गई. 

उन्होंने कहा , ‘‘ दुनिया और पूरा भारत यह जानता है. वे उनका समर्थन कर रहे हैं. मैं यह नहीं कहता कि वह सिर्फ मेरी बच्ची थी , वह सभी की बच्ची थी. घटना को धार्मिक चश्मे से नहीं देखना चाहिए. ’’ इस मामले में पुलिस ने अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया है. 

(इनपुट भाषा से)