सर्वदलीय बैठक : GST बिल पर PM मोदी ने कहा- राष्ट्रीय हितों को अन्य चीजों से ऊपर रखने की जरूरत है

विपक्ष से रविवार को संवाद कायम करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक को पारित कराने में विपक्ष से सहयोग मांगा वहीं विपक्ष ने जोर दिया कि कश्मीर एवं अरूणाचल प्रदेश के घटनाक्रमों को लेकर वह सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में सरकार को घेरने का प्रयास करेगा।

सर्वदलीय बैठक : GST बिल पर PM मोदी ने कहा- राष्ट्रीय हितों को अन्य चीजों से ऊपर रखने की जरूरत है

नई दिल्ली : विपक्ष से रविवार को संवाद कायम करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक को पारित कराने में विपक्ष से सहयोग मांगा वहीं विपक्ष ने जोर दिया कि कश्मीर एवं अरूणाचल प्रदेश के घटनाक्रमों को लेकर वह सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में सरकार को घेरने का प्रयास करेगा।

संसद में विभिन्न मुद्दों के जोरशोर से उठाए जाने के आसार के बीच प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से राष्ट्रीय हितों को अन्य बातों से ऊपर रखने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा, ‘हम पार्टियों और लोगों दोनों का प्रतिनिधित्व करते हैं तथा राष्ट्रीय हितों को अन्य चीजों से ऊपर रखने की जरूरत है।’ संसद की बैठक शुरू होने के एक दिन पहले सरकार द्वारा बुलायी गई सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस ने कहा कि वह गुण-दोष के आधार पर विधेयकों का समर्थन करेगी। लेकिन पार्टी ने जीएसटी पर कोई आश्वासन नहीं दिया और कहा कि उसके द्वारा जतायी गयी चिंताओं पर सरकार द्वारा ‘लिखित प्रारूप’ देने के बाद ही वह अपना रुख स्पष्ट कर सकती है।

सत्र में जीएसटी सहित महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा होने का जिक्र करते हुए मोदी ने उम्मीद जतायी कि सार्थक बहस होगी और उसके नतीजे आएंगे।

उन्होंने कहा, ‘मुद्दा यह नहीं है कि कौन सरकार जीएसटी पेश करने का श्रेय लेगी बल्कि विधेयक का पारित होना महत्वपूर्ण है।’ हिज्बुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर में हुए प्रदर्शनों के बीच इस मुद्दा के संसद में उठने की संभावना के बीच प्रधानमंत्री ने कश्मीर के घटनाक्रम पर ‘एक सुर’ में बोलने के लिए सभी दलों की सराहना की।

उन्होंने कहा, ‘विभिन्न राजनीतिक दलों ने कश्मीर घटनाक्रम पर जो बयान दिए हैं उससे देश को फायदा हुआ है। इससे सही संदेश गया है और मैं इसके लिए सभी पार्टियों को धन्यवाद देता हूं।’

 

राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कश्मीर की तनावपूर्ण स्थिति पर संसद में चर्चा होनी चाहिए और सरकार को इसका जवाब देना चाहिए। विपक्षी नेताओं ने बैठक में एनएसजी की सदस्यता के लिए सरकार का असफल प्रयास, कुछ राज्यों में बाढ़, कृषि संकट और आतंकवाद सहित विभिन्न मुद्दे उठाए।

आजाद ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह राज्यों में अन्य दलों की सरकारों को अस्थिर करने के लिए हर तरीका अपना रही है। इस क्रम में उन्होंने शनिवार को हुयी अंतर-राज्य परिषद बैठक में विभिन्न मुख्यमंत्रियों द्वारा केंद्र पर निशाना साधे जाने और अरूणाचल प्रदेश घटनाक्रम का जिक्र किया।

उन्होंने सीधे तौर पर जीएसटी विधेयक का जिक्र नहीं किया लेकिन कहा कि कांग्रेस गुण.दोष के आधार पर विधेयकों का समर्थन करेगी।

उन्होंने कहा, ‘हमने कोई फैसला नहीं किया है कि हमें किसी विधेयक को रोकना है। हम गुण-दोष के आधार पर समर्थन करेंगे। हम उस किसी भी विधेयक का समर्थन करेंगे जो लोगों, प्रगति और विकास के पक्ष में है।’ कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि सरकार उसके द्वारा रखी गयी मांगों को लेकर उससे लिखित मसविदा साझा करे। उन्होंने कहा कि सरकार से लिखित जवाब मिलने के बाद ही पार्टी कोई रुख तय करेगी।

संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि जीएसटी पर सर्वसम्मति बनाने के लिए सभी दलों से सरकार बातचीत करेगी।

उन्होंने कहा, ‘जीएसटी समेत हमारा विधायी कामकाज प्राथमिकता है। हम यह देखना चाहते हैं कि हम सर्वसम्मति से जीएसटी पारित कर पाएं। हम हर दल को साथ लाने जा रहे हैं।’