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केरल लव जिहाद केस: हिंदू महिला हदिया ने कहा, मुस्लिम पति के साथ रहना चाहती हूं

सर्वोच्च न्यायालय राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को हदिया के इस्लाम अपनाने और उसके विवाह की जांच करने के लिए कहा था. 

केरल लव जिहाद केस: हिंदू महिला हदिया ने कहा, मुस्लिम पति के साथ रहना चाहती हूं
केरल की 24 वर्षीय हिंदू महिला हदिया. (फाइल फोटो)

कोट्टायम: लव जिहाद मामले में केरल की महिला हादिया ने शनिवार (25 नवंबर) को कहा है कि वह अपने पति के साथ रहना चाहती है. हादिया को उसके माता पिता और सुरक्षाकर्मी इस बीच दिल्ली जाने वाले विमान में चढाने के लिए उसे जबरन ले गए क्योंकि इस मामले में उसे इस महीने की 27 तारीख को सर्वोच्च न्यायालय में गवाही देनी है. भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जैसे ही हादिया नेदुम्बेसरी स्थित हवाई अड्डे पर पहुंची तो वहां अव्यवस्था का माहौल हो गया क्योंकि मीडियाकर्मी उसके निकट जाने की कोशिश करने लगे और इसके लिए पुलिस के साथ धक्का मुक्की भी हुई.

हवाई अड्डे के अंदर ले जाये के दौरान बुर्का पहने 25 वर्षीय महिला ने चिल्ला कर कहा, ‘मैं एक मुस्लिम हूं. मेरे ऊपर कोई दवाब नहीं है. मैं अपने पति के साथ रहना चाहती हूं.’ इससे पहले महिला अपने माता पिता और पुलिस के एक दल के साथ जिले के वैकम के निकट एक गांव से दो घंटे की यात्रा करने के बाद हवाई अड्डे पर पहुंची. पुलिस के दल में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थी. हादिया एक हिंदू महिला है, जिसने इस्लाम कबूल कर शाफिन जहां नामक मुस्लिम युवक से शादी किया है. सूत्रों ने बताया कि महिला और उसके माता पिता दिल्ली में संभवत: केरल भवन में ठहरेंगे. अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि दक्षिणी राज्य में इस तरह के 89 मामले सामने आए हैं.

एयरपोर्ट आने के दौरान हदिया के साथ इस दौरान तीन महिला पुलिस अधिकारी और दो पुरुष पुलिसकर्मी के साथ उसके परिजन भी थे. शनिवार (25 नवंबर) दोपहर, वह वायकोम के नजदीक स्थित अपने घर से कोच्चि अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे के लिए पुलिस वाहनों के काफिले के साथ निकली. दिल्ली में उसे केरल हाउस में रखा जाएगा, जहां चार कमरे इसके लिए बुक हैं. शीर्ष अदालत ने 30 अक्टूबर को हदिया के पिता अशोकन को निर्देश दिया था कि वह अपनी बेटी को 27 नवंबर को अदालत में पेश करें, ताकि वह शफीन जहां से उसके विवाह के बारे में पता लगा सकें.

प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति डी.वाय. चंद्रचूड़ ने बुधवार (22 नवंबर) को कहा था कि बंद कमरे में सुनवाई के आवेदन पर सुनवाई तब होगी जब 27 नवंबर को हदिया अदालत के समक्ष पेश होगी. हदिया के पिता अशोकन ने आवेदन दिया था कि इस मामले की सुनवाई बंद कमरे में हो.

 

 

अंतिम सुनवाई में अदालत ने कहा था कि बाद के मुद्दे की जांच करने से पहले, यह पता लगाना है कि हदिया ने स्वेच्छा से इस्लाम कुबूल किया था या नहीं और उसके विवाह को लेकर उसके क्या विचार हैं. अदालत, शफीन जहां द्वारा केरल उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसने हदिया के साथ उसकी शादी को रद्द कर दिया था. सर्वोच्च न्यायालय राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को हदिया के इस्लाम अपनाने और उसके विवाह की जांच करने के लिए कहा था.