केरल के सीएम पिनारई विजयन हुए अमेरिका रवाना, तीन हफ्ते बाद लौटेंगे देश

मुख्यमंत्री पिनारई विजयन की अनुपस्थिति में उद्योग मंत्री ईपी जयराजन मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष (सीएमडीआरएफ) में मिलने वाली वित्तीय सहायता राशि हासिल करेंगे. 

केरल के सीएम पिनारई विजयन हुए अमेरिका रवाना, तीन हफ्ते बाद लौटेंगे देश
केरल के मुख्यमंत्री पिनारई विजयन. (फाइल फोटो)

तिरुवनंतपुरम: केरल अभी बाढ़ की मार से ठीक से उबर भी नहीं पाया है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री पिनारई विजयन अपना इलाज करवाने के लिए रविवार को अमेरिका के लिए रवाना हो गए. यह जानकारी सूत्रों के हवाले से मिली है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पिनारई विजयन अमेरिका के मायो क्लीनिक में इलाज करवा रहे हैं. वे करीब तीन हफ्ते बाद भारत लौटेंगे. बता दें, मुख्यमंत्री तीन मार्च को अपोलो अस्पताल में नियमित मेडिकल जांच के लिए गए थे. इस बीच जारी एक प्रेस नोट में बताया गया है कि मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में उद्योग मंत्री ई पी जयराजन मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष (सीएमडीआरएफ) में मिलने वाली वित्तीय सहायता राशि हासिल करेंगे. 

मुख्यमंत्री ने शनिवार को राज्यपाल पी सदाशिवम से मुलाकात की और उन्हें विदेश में इलाज कराने के अपने विदेश दौरे के बारे में बताया. सीएम विजयन ने राज्यपाल को सरकार द्वारा केरल के पुनर्निर्माण और प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी. जानकारी के मुताबिक, वे 19 अगस्त को अमेरिका जाने वाले थे और इस महीने के मध्य में वहां से लौटने वाले थे. उन्होंने केरल की बाढ़ को देखते हुए अपना जाना स्थगित कर दिया था. 

बाढ़ राहत के लिए UAE से मदद मिलने को लेकर आशान्वित है केरल : विजयन

केरल में बाढ़ की वजह से करीब 20 हजार करोड़ रुपए की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है. कम से कम 480 लोगों की मौत हुई और हजारों मवेशियों की जानें चली गई. केरल में आई बाढ़ को राज्य के लिए शताब्दी का सबसे बड़ा संकट माना गया. केरल पूरी तरह तबाह हो चुका है. केंद्र और राज्य सरकारों की तरफ से मदद के हाथ बढ़ाए गए.

देश और विदेश से हजारों करोड़ों की मदद राशि दी गई. सभी मशहूर हस्तियों ने, चाहे वे फिल्म जगत से हों, स्पोर्ट्स से हों, बिजनेसमैन हों या आम जनता, हर किसी ने अपने तरीक से केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद की. कई सरकारी महकमे के कर्मचारियों ने एक दिन की सैलरी केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए दी. फिलहाल, बाढ़ तो टल गया है लेकिन उसके बाद महामारी का डर अभी भी फैला हुआ है.

(इनपुट-भाषा से भी)