Abdul Majid Hakim Elahi: ईरान के सुप्रीम लीडर के रिप्रेजेंटेटिव डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने नई दिल्ली में बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि ईरान कभी न्यूक्लियर हथियार नहीं रखना चाहता था, क्योंकि 'यह हराम' है.
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Khamenei: ईरान में इन दिनों काफी अशांति है. लोग सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं. ईरान और अमेरिका के बीच जुबानी जंग भी जारी है. इसी बीच ईरान के सुप्रीम लीडर के रिप्रेजेंटेटिव डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा है कि ईरान कभी न्यूक्लियर हथियार नहीं रखना चाहता था, क्योंकि 'यह हराम' है, साथ ही कहा कि देश कुछ मानवीय जरूरतों को पूरा करने के लिए शांतिपूर्ण मकसदों के लिए न्यूक्लियर एनर्जी का इस्तेमाल करना चाहता है.
ईरान चाहता है शांतिपूर्ण पावर
ANI से बातचीत करते हुए उन्होंने कुछ इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन पर "डबल स्टैंडर्ड" का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि उसके न्यूक्लियर इंस्टॉलेशन पर बहुत ज्यादा सुपरविजन है, कुछ दूसरे देशों पर ऐसी कोई जांच नहीं होती है. ईरान कभी न्यूक्लियर हथियार नहीं रखना चाहता था क्योंकि यह हराम है. साथ ही कहा कि ईरान कुछ सोशल और मानवीय ट्रीटमेंट के लिए न्यूक्लियर, शांतिपूर्ण पावर चाहता है.
इजराइल ने बनाया था निशाना
कुछ इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन ने ईरान के खिलाफ बहुत सारे बैन लगाए हैं और ईरान की न्यूक्लियर पावर पर उनका बहुत ज्यादा सुपरविजन है, लेकिन कुछ दूसरे देशों के पास यह है, वे इसका इस्तेमाल करते हैं, और वे उनके बारे में कुछ नहीं कहते हैं. बता दें कि इजराइल और संयुक्त राज्य अमेरिका ने पिछले साल जून में ईरानी परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाया था.
स्थायी रूप हटा देना चाहिए प्रतिबंध
पिछले महीने परमाणु पर चर्चा करने के लिए एक बैठक में, ईरान की परमाणु गतिविधियों पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का रुख विभाजित रहा, वो मानते हैं कि प्रतिबंधों को स्थायी रूप से हटा दिया जाना चाहिए, जबकि बैठक की वैधता पर सवाल उठाया गया. सुरक्षा परिषद के सदस्यों के बीच विभाजन के केंद्र में 2015 के ईरान परमाणु समझौते से संबंधित बैठकों को आयोजित करने की वैधता पर विवाद था, जिसे संयुक्त व्यापक कार्य योजना (जेसीपीओए) कहा जाता है.
साथ ही साथ कहा कि ईरान के लोगों ने हमेशा दो पुरानी सभ्यताओं के बीच के रिश्ते के बारे में सीखा है. इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के सुप्रीम लीडर हमेशा ईरान और भारत के बीच अच्छे रिश्तों और सहयोग पर जोर देते हैं. (ANI)