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सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: जानें कैसे होगा अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुस्लिम अपने साक्ष्यों से यह सिद्ध नहीं कर पाए की विवादित भूमि पर उनका ही एकाधिकार था.

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: जानें कैसे होगा अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण
अयोध्या में बनने वाला श्रीराम का मंदिर दो मंजिला भवन होगा...

नई दिल्ली: अयोध्या में विवादित भूमि के बहुप्रतीक्षित फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अपना फैसला सुनाया. कोर्ट ने अपने फैसले में अयोध्या में विवादित 2.77 एकड़ भूमि हिंदू पक्ष को देकर राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया और मुस्लिम पक्ष को मस्जिद के निर्माण के लिए कहीं अन्य जगह पांच एकड़ भूमि देने का फैसला सुनाया. कोर्ट ने कहा कि मुस्लिम अपने साक्ष्यों से यह सिद्ध नहीं कर पाए की विवादित भूमि पर उनका ही एकाधिकार था. इलाहाबाद हाईकोर्ट का वो आदेश जिसमें सुननी वक्फ बोर्ड को जमीन का बंटवारा का आदेश गलत था. 

उधर, सुन्नी वक्फ बोर्ड ने कहा कि अयोध्या पर पुनर्विचार याचिका नहीं दाखिल करेगा. उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जफर फारूकी ने कहा कि बोर्ड सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का सम्मान करता है. उन्होंने कहा कि बोर्ड सुप्रीम कोर्ट के आदेश की समीक्षा के लिए अपील नहीं करेगा। मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने भी संतुष्ट जताई है. 
 
कैसे होगा भव्य राम मंदिर का निर्माण?  
केन्द्र सरकार 3 महीने के भीतर एक स्कीम बनाकर एक ट्रस्ट का गठन करेगी जो मंदिर बनवाएगा. केंद्र मंदिर निर्माण के लिये जमीन ट्रस्ट को सौंपेगा. मंदिर निर्माण कैसे होगा, ये बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज तय करेगा. नई मस्जिद के लिये 5 एकड़ ज़मीन उपलब्ध कराई जाएगी. 

भव्य होगा राम मंदिर का स्वरूप  
श्री रामलला के मुख्य पुजारी, आचार्य सतेन्द्र दास के मुतबिक, "अयोध्या में बनने वाला श्रीराम का मंदिर दो मंजिला भवन होगा. इस भव्य मंदिर की लंबाई 268 फीट, चौड़ाई 140 फीट और ऊंचाई 128 फीट होगी. राम मंदिर में 212 स्तंभ होंगे, पहली मंजिल में 106 स्तंभ होंगे. राम मंदिर में सिंह द्वारा, नृत्य मंडप, रंग मंडप, कोली, गर्भ गृह और परिक्रमा शामिल होंगे. इसके साथ ही गर्भ गृह के चारों ओर बनने वाले परिक्रमा मार्ग की चौड़ाई 10 फीट होगी. इस भवन के भूतल पर भगवान राम बालरूप में यानी 'रामलला' के रूप में विराजमान होंगे. मंदिर के प्रथम तल पर राम दरबार होगा." 

देखें वीडियो:

 

राम मंदिर पर फ़ैसला ऐतिहासिक कैसे?
1- भारत में हिंदू-मुसलमानों के बीच सबसे बड़ा विवाद खत्म
2- फ़ैसला देश में सांप्रदायिक सौहार्द की सबसे बड़ी मिसाल
3- सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से दोनों धार्मिक समुदाय (पक्ष) संतुष्ट
4- विवादित ज़मीन के बंटवारे के बिना दोनों पक्षों को 'न्याय'
5- SC का फ़ैसला किसी एक पक्ष की बजाए 'समाज हित' में
6. देश के सबसे पुराने (134 साल) मुकदमे का निपटारा
7. सुप्रीम कोर्ट में दूसरा सबसे लंबा चलने वाला मुकदमा
8. सुप्रीम कोर्ट में 40 दिन तक चली मुकदमे की सुनवाई
9. हिंदू पक्ष की 67 घंटे, मुस्लिम पक्ष की 71 घंटे जिरह