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'आदियोगी' शिव की 112 फीट की प्रतिमा के बारे में जानिए 10 खास बातें और देखिए VIDEO

पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को महाशिवरात्रि के पावन मौके पर ईशा योग केंद्र में भगवान शिव के 112 फुट ऊंचे चेहरे का अनावरण किया। ईशा फाउंडेशन की विज्ञप्ति के मुताबिक धरती के इस सबसे विशाल चेहरे की प्रतिष्ठा मानवता को आदियोगी शिव के अनुपम योगदान के सम्मान में की गई है। भगवान शिव के इस विशाल चेहरे को सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने डिजाइन किया है। आईए इस खास प्रतिमा के बारे में दस बातों को जानते हैं।

'आदियोगी' शिव की 112 फीट की प्रतिमा के बारे में जानिए 10 खास बातें और देखिए VIDEO

कोयंबटूर: पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को महाशिवरात्रि के पावन मौके पर ईशा योग केंद्र में भगवान शिव के 112 फुट ऊंचे चेहरे का अनावरण किया। ईशा फाउंडेशन की विज्ञप्ति के मुताबिक धरती के इस सबसे विशाल चेहरे की प्रतिष्ठा मानवता को आदियोगी शिव के अनुपम योगदान के सम्मान में की गई है। भगवान शिव के इस विशाल चेहरे को सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने डिजाइन किया है। आईए इस खास प्रतिमा के बारे में दस बातों को जानते हैं।

-पहली बार दुनिया में भगवान शंकर की 112 फीट की प्रतिमा बनी है जिसमें सिर्फ उनका चेहरा है।
-ईशा फाउंडेशन के मुताबिक यह प्रतिष्ठित चेहरा मुक्ति का प्रतीक है और उन 112 मार्गों को दर्शाता है, जिनसे इंसान योग विज्ञान के जरिए अपनी परम प्रकृति को प्राप्त कर सकता है।
-चेहरे के डिजाइन को तैयार करने के लिए करीब ढाई साल लगे और ईशा फाउंडेशन की टीम ने इसे 8 महीने में पूरा किया।
-इस प्रतिमा को स्टील से बनाया गया है और धातु के टुकड़ों को जोड़कर इसे तैयार किया गया है।
-प्रतिमा का वजन 500 टन है।
-आज से पहले इस तकनीक का कही प्रयोग नहीं किया गया है। नंदी को भी बड़े खास तरीके से तैयार किया गया है।
-धातु के 6 से 9 इंच बड़े टुकड़ों को जोड़कर नंदी का ऊपरी हिस्सा तैयार किया गया है।
-इसके अंदर तिल के बीज, हल्दी, पवित्र भस्म, विभूति, कुछ खास तरह के तेल, थोड़ी रेत, कुछ अलग तरह की मिट्टी भरी गई है।
-प्रतिमा के अंदर 20 टन सामग्री भरी गई है और फिर उसे सील कर दिया गया।
-यह पूरा मिश्रण एक खास तरह से तैयार किया गया है।