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बाढ़ से तबाह हुई महाराष्ट्र के 'मैनचेस्टर' इचलकरंजी की पॉवर लूम इंडस्ट्री, 200 करोड़ का नुकसान

महाराष्ट्र के मैनचेस्टर नाम से मशहूर इचलकरंजी की पॉवरलूम इंडस्ट्री की कमर बाढ़ और बारिश ने तोड़ दी है.

बाढ़ से तबाह हुई महाराष्ट्र के 'मैनचेस्टर' इचलकरंजी की पॉवर लूम इंडस्ट्री, 200 करोड़ का नुकसान
लगभग 15 दिन पानी में रहने के कारण पॉवरलूम खराब हो चुके हैं.

कोल्हापुर: महाराष्ट्र के मैनचेस्टर नाम से मशहूर इचलकरंजी की पॉवरलूम इंडस्ट्री की कमर बाढ़ और बारिश ने तोड़ दी है. लगभग 15 दिन पानी में रहने के कारण पॉवरलूम खराब हो चुके हैं. यहां लगभग 1000 से जादा पॉवरलूम यूनिट को नुकसान हुआ है. यह नुकसान 200 करोड़ रुपये का है. अब पॉवरलूम फिर से शुरू होने के लिए तीन से चार माह लगेंगे. अब लगभग 5 हजार पॉवरलूम मजदूर तीन से चार माह के लिए बेरोजगार हो गए हैं. पॉवरलूम के मालिकों ने कर्ज माफी की मांग के साथ मरम्मत के लिए सरकार से मदद मांगी है.

इंचलकरंजी शहर में पॉवरलूम आवाजों की गूंजती रहती थी. बारिश और बाढ़ के पानी ने पॉवरलूम इंडस्ट्री को तबाह कर दिया है. 15 दिनों तक बाढ़ के पानी में डूबे रहने से मशीनरी खराब हो गई है. जो कच्चा माल इन मशीनों पर लगा हुआ था, वह यार्न भी खराब हो गया है. कई पॉवरलूम तो ऐसी हैं  जिनको रिप्लेस करने के अलावा चारा नहीं है. ऐसे में नई मशीनरी लाने का खर्च, मरम्मत का खर्च और कच्चा माल का खर्च इसे देखते हुए सिर्फ सरकारी मदद के अलावा कोई भी आशा की किरण नजर नहीं आ रही है. 

बाळासाहेब शेटाणा पिछले 40 सालों से पॉवरलूम के धंधे में है. उनके पास 124 पॉवरलूम हैं. सभी पॉवरलूम्स 12 दिनों तक पानी में रहीं. बाळासाहेब ने बताया "हम 30-40 साल से धंधा कर रहे हैं. एक से डेढ़ करोड़ का नुकसान हुआ है. 40 लोग यहां पर काम करते हैं. 1 अगस्त से यूनिट बंद है. फिर से शुरू करने के लिए लगभग 3 महीने लग सकते हैं. कच्चा माल यानी यार्न और एक्सेसरीज खराब हो गई है." 

बाळासाहेब शेटाणा जैसे सैकड़ों पॉवरलूम मालिक बाढ़ के कारण करोड़ों का नुकसान झेल रहे हैं. इचलकरंजी में लगभग हर घर में पॉवरलूम होती है. कई लोग निजी तौर पर छोटे कमरों में एक-दो पॉवरलूम लगाकर अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं. भारी बारिश से इन घरों में भी पानी भरा. कई घरों के छत गिरने से पॉवरलूम का नुकसान हुआ. अब इन पॉवरलूम की जगह पर सिर्फ मलबा है. 

इंचलकरंजी गाव में तीनपॉवर लूम चलाने वाले राहुल कटके को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पडा है. राहूल ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा, "हमारा पॉवरलूम था. उसका के लिए कच्चा माल अब किसी काम का नही रहा. सात से आठ लाख का पॉवरलूम खराब हो गया है. शेड गिरने से पूरे यूनिट का नुकसान हुआ है." 

पॉवरलूम पर काम करने वाले लगभग 4 हजार मजदूर आने वाले तीन महीने के लिए बेरोजगार हो गए हैं. ये मजदूर महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों के अलावा यूपी, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड से आते हैं. 

 

पॉवरलूम एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश कोष्टी ने बताया "बीस दिनों तक पानी भरा रहा. पॉवरलूम इंडस्ट्री को खासा नुकसान हुआ है. शहर में 700 कारखाने पानी में थे और देहातों में 300 कारखानो में बाढ़ ने तबाही मचा दी. यह नुकसान लगभग 150 से 200 करोड़ का है. हम सरकार से गुजारिश कर रहे हैं कि जल्द से जल्द बुनकरों को रोजगार मुहैया करने के लिए मुआवजा दे, नहीं तो पूरी इंडस्ट्री बर्बाद हो जाएगी."