कुपवाड़ा हमला: जवान की बहादुरी को सलाम, मौत को चकमा देकर किया दो आतंकियों को ढेर

जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकवादियों ने गुरुवार (27 अप्रैल) जब सेना के शिविर पर हमला किया तो वहां पहरेदारी कर रहे गनर ऋषि कुमार ने दो बार मौत को चकमा देकर दो हमलावरों को अकेले मार गिराया और तीसरे को घायल कर दिया. तीन आतंकवादी गुरुवार तड़के करीब चार बजे कुपवाड़ा में सेना के शिविर में घुस गए. आतंकवादियों के हमले में एक अधिकारी समेत तीन जवान शहीद हो गए और सात घायल हो गए.

कुपवाड़ा हमला: जवान की बहादुरी को सलाम, मौत को चकमा देकर किया दो आतंकियों को ढेर
ऋषि कुमार को सिर में एक गोली लगी थी, लेकिन बुलेट प्रूफ पटका ने उसे बचा लिया. (एएनआई फोटो)

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकवादियों ने गुरुवार (27 अप्रैल) जब सेना के शिविर पर हमला किया तो वहां पहरेदारी कर रहे गनर ऋषि कुमार ने दो बार मौत को चकमा देकर दो हमलावरों को अकेले मार गिराया और तीसरे को घायल कर दिया. तीन आतंकवादी गुरुवार तड़के करीब चार बजे कुपवाड़ा में सेना के शिविर में घुस गए. आतंकवादियों के हमले में एक अधिकारी समेत तीन जवान शहीद हो गए और सात घायल हो गए.

आतंकवादियों ने जैसे ही अंधाधुंध गोलीबारी शुरू की और शिविर में अंदर घुसना शुरू किया तो फील्ड आर्टिलरी रेजिमेंट के कुमार ने उन्हें देखा और आतंकवादियों के नजदीक आने का इंतजार किया.

सेना के एक अधिकारी ने कहा, ‘इसके बाद दोनों ओर से गोलीबारी शुरू हुई और उसे सिर में एक गोली लगी लेकिन बुलेट प्रूफ पटका ने उसे बचा लिया. हालांकि गोली लगने के कारण वह जमीन पर गिर गए. वह तुरंत उठे और उन्होंने जवाबी कार्रवाई करते हुए दो आतंकवादियों को मार गिराया.’ 

गोला बारूद खत्म होने के बाद वह अपने बंकर से बाहर निकले और उन्होंने तीसरे आतंकवादी का सामना करने के लिए मारे गए आतंकवादियों के हथियार उठाने की कोशिश की.

तीसरे आतंकवादी ने गोली चला दी और उन्हें घायल कर भागने में सफल रहा. कुमार को गोलियों के छर्रे लगे हैं और उन्हें श्रीनगर में 92 बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वह बिहार के आरा का रहने वाले हैं और आठ साल से सेना में सेवारत हैं. अधिकारी ने कहा, ‘ऋषि ने भारतीय सैनिक के अदम्य साहस को दिखाया है.’