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कश्मीर को लेकर फैल रही अफवाहों पर न करें यकीन, अधिकारी ने बताया- यहां सब ठीक, बॉर्डर इलाके में खुले स्कूल

कुपवाड़ा के डिप्टी कमिश्नर अंशुल गर्ग ने Zee News से बातचीत में कहा कि इस पूरे इलाके में शांति है. अफवाहों पर बिल्कुल भी ध्यान ना दें. 

कश्मीर को लेकर फैल रही अफवाहों पर न करें यकीन, अधिकारी ने बताया- यहां सब ठीक, बॉर्डर इलाके में खुले स्कूल
बॉर्डर इलाक़े में स्कूल खोल दिए गए हैं. कुपवाड़ा में हालात पूरी तरह सामान्य हैं..(फाइल फोटो)

कश्मीर: कुपवाड़ा के डिप्टी कमिश्नर अंशुल गर्ग ने Zee News से बातचीत में कहा कि इस पूरे इलाके में शांति है. अफवाहों पर बिल्कुल भी ध्यान ना दें. लोगों के घरों में 30 सितंबर तक का राशन पहुंचा दिया गया है. घरों में LPG की होम डिलीवरी की जा रही है. दवाईयों का पूरा स्टॉक है. 14वें वित्त आयोग की सिफ़ारिशों के आधार पर विकास कार्य यहाँ कराए जा रहे हैं. विकास कार्यों पर पूरा फ़ोकस किया जा रहा है यहां के कुपवाड़ा के लोग विकास ही चाहते हैं, बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं. बॉर्डर इलाक़े में स्कूल खोल दिए गए हैं. कुपवाड़ा में हालात पूरी तरह सामान्य हैं.

जम्मू एवं कश्मीर में दवाइयों का 15-20 दिनों का स्टॉक
जम्मू एवं कश्मीर प्रशासन ने रविवार को कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में 15-20 दिनों के लिए सभी 376 अधिसूचित और 62 जरूरी तथा जीवन-रक्षक दवाइयों का स्टॉक जमा है. प्रशासन ने हालांकि स्वीकार किया कि कश्मीर घाटी में दो दिन से बेबी फूड की कमी थी लेकिन उसका समाधान हो गया है और ताजा स्टॉक पहुंच गया है.

प्रशासन ने एक बयान में कहा, "अब लगभग तीन सप्ताह के लिए पर्याप्त बेबी फूट स्टॉक में है." यह बयान केंद्र शासित प्रदेश में दवाइयों के अपर्याप्त मात्रा में होने की खबरों के बाद आया है. प्रशासन ने कहा कि दवाइयों के ज्यादातर वितरक जम्मू में हैं और ऑर्डर मिलने के बाद दवाइयों की आपूर्ति करने में लगभग 14-18 घंटे लगते हैं.

प्रशासन के अनुसार, दवाइयां और बेबी फूड जल्दी से जल्दी निकालने के लिए जम्मू एवं चंडीगढ़ पर तीन-तीन व्यक्तियों को तैनात किया गया है. उप जिला अधिकारी स्तर का एक अधिकारी घाटी में आपूर्ति कर रहा है. जम्मू एवं कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाने के केंद्र सरकार के आदेश के बाद राज्य में कड़े प्रतिबंध लागू हैं.