माता वैष्णो देवी यात्रा में पहुंच रहे हैं कम यात्री, पिछले साल की तुलना में संख्या 6 लाख 77 हजार कम

फरवरी माह में पुलवामा में आतंकवादी हमला, उसके उपरांत भारत व पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव और अगस्त माह में जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 और ही 35 ए के हटने के बाद मीडिया द्वारा राज्य के हालात को लेकर की गई नेगेटिव रिपोर्टिंग यात्रा में गिरावट की प्रमुख वजह रही.

माता वैष्णो देवी यात्रा में पहुंच रहे हैं कम यात्री, पिछले साल की तुलना में संख्या 6 लाख 77 हजार कम
जम्मू कश्मीर में हालात पूरी तरह से शांतिपूर्ण है. पर अनुच्छेद 370 व 35ए हटाए जाने के उपरांत बदले परिदृश्य को लेकर देशभर से आने वाले श्रद्धालु थोड़ा आशंकित हैं

जम्मू: प्रसिद्ध माता वैष्णों देवी यात्रा (Mata Vaishno Devi Yatra) में वर्तमान में लगातार कमी देखी जा रही है. हालांकि पारंपरिक तौर पर सितंबर माह से लेकर 15 दिसंबर तक वैष्णों देवी यात्रा में कमी दर्ज की जाती है पर इस बार यात्रा में ज्यादा कमी के विभिन्न कारण रहे हैं. तभी तो जारी वर्ष के पहले 11 महीनों में कुल 7350753 श्रद्धालु मां के दरबार पहुंचे पर इसी अवधि के दौरान बीते वर्ष यानी 2018 में कुल 8027855 श्रद्धालु मां के दरबार पहुंचे थे, यानी वर्ष 2018 के मुकाबले वर्तमान में जारी वर्ष 2019 नवंबर के पहले 11 महीने में कुल 677102 कम संख्या में श्रद्धालु मां के दरबार पहुंचे. क्योंकि वर्तमान वर्ष में विभिन्न कारणों से वैष्णो देवी यात्रा में समय-समय पर गिरावट दर्ज की गई.

फरवरी माह में पुलवामा में आतंकवादी हमला, उसके उपरांत भारत व पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव और अगस्त माह में जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) से अनुच्छेद 370 और ही 35 ए के हटने के बाद मीडिया द्वारा राज्य के हालात को लेकर की गई नेगेटिव रिपोर्टिंग यात्रा में गिरावट की प्रमुख वजह रही. जिसके कारण जारी वर्ष में वैष्णो देवी यात्रा में कमी दर्ज की गई.

विश्व प्रसिद्ध मां वैष्णो देवी यात्रा 12 महीने चलती रहती है पर एक और जहां अप्रैल माह से लेकर अगस्त माह तक वैष्णो देवी यात्रा पूरे अपने यौवन पर होती है आमतौर पर इन महीनों में रोजाना 35 से 45000 श्रद्धालु आधार शिविर कटड़ा मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. उसके उपरांत सितंबर माह से लेकर 15 दिसंबर तक वैष्णो देवी यात्रा का आंकड़ा गिरकर आधा रह है जाता है, यानी 15 से 20000 तक ही करीब श्रद्धालु रोजाना मां वैष्णो देवी के दर्शनों के लिए आधार शिविर कटरा आते हैं. पर इस वर्ष और ज्यादा कमी का मुख्य कारण राज्य की स्थिति का है.

हालांकि जम्मू कश्मीर में हालात पूरी तरह से शांतिपूर्ण है. पर अनुच्छेद 370 व 35ए हटाए जाने के उपरांत बदले परिदृश्य को लेकर देशभर से आने वाले श्रद्धालु थोड़ा आशंकित हैं. पर राज्य सरकार के साथ ही पर्यटन विभाग, श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड तथा नगर का व्यापारी वर्ग श्रद्धालुओं का हौसला लगातार बढ़ाने के लिए अपने प्रयास जारी रखे हुए हैं समय-समय पर श्रद्धालुओं को यह समझाने के प्रयास किए जा रहे हैं कि राज्य के हालात पूरी तरह से शांतिपूर्ण है और मां वैष्णो देवी यात्रा पूरी तरह से सुरक्षित है. जिसको लेकर कम संख्या में ही सही पर निरंतर श्रद्धालु मां के दरबार आ रहे हैं.

कटरा होटल व रेस्तरां संघ प्रधान राकेश वजीर का कहना है कि पारंपरिक तौर पर सितंबर माह से लेकर 15 दिसंबर तक वैष्णों देवी यात्रा में लगातार कमी दर्ज की जाती है. इन महीनों में श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक लाभ मिले इसके लिए संघ द्वारा देश के विभिन्न राज्यों के पर्यटक संगठनों के साथ बातचीत के साथ ही तालमेल लगातार जारी है. ताकि अधिक से अधिक संख्या में श्रद्धालु इन महीनों में मां वैष्णो के दर्शनों के लिए आ सके.

माता वैष्णों देवी श्राइन बोर्ड के सीईओ रमेश कुमार ने नए साल पर माता के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भवन मार्ग पर जगह जगह बने शेल्टर पॉइंट्स और माता के भवन में हीटिंग के इंतजामों को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं.