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जम्मू कश्मीर: बिना बिजली के अंधेरे में डूबा था गांव, विरोध का वीडियो वायरल तो राज्यपाल ने दिया दखल

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने इस मामले में संज्ञान लिया. डिविजनल कमिश्नर को 24 घंटों में समस्या का हल करने के लिए निर्देश जारी किये.

जम्मू कश्मीर: बिना बिजली के अंधेरे में डूबा था गांव, विरोध का वीडियो वायरल तो राज्यपाल ने दिया दखल
वीडियो में लोग अफसरों के खिलाफ नारे लगाते हुए दिख रहे हैं.

श्रीनगर : दक्षिण कश्मीर में पुलवामा ज़िले के बनदुन गांव के निवासियों का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ. इस वीडियो में आक्रोशित बनदुन निवासी पुलवामा ज़िले के डीसी ऑफिस से जिला कमिश्नर खिलाफ नारेबाज़ी करते हुए बाहर निकलते दिख रहे हैं. निवासियों दुवारा अपना काम पूरा ना होने पर जिला कमिश्नर को भ्रष्ट ठहराते हुए आरोप लगाया कि वह केवल अपने चहेतों का ही काम करते हैं और गरीब की आवाज़ हमेशा दबाई जाती है.

मिली जानकारी के अनुसार पुलवामा ज़िले के इस बनदुन गांव जहाँ 52 घर हैं कई दिनों से बिना बिजली के रह रहे हैं. निवासियों के मुताबिक कुछ हफ्ते पहले इस गांव का मेन बिजली ट्रांसफार्मर ख़राब हो गया था. तब से वह जिला कमिश्नर से गुहार लगा रहे हैं कि इसकी मरम्मत की जाए. क्योंकि कश्मीर में पड़ रही भीषण ठण्ड और जारी बर्फबारी के कारण बिना बिजली के रहना बेहद मुश्किल हो रहा है. निवासियों का आरोप है कि जिला कमिश्नर ने उनकी मांग को हफ़्तों तक अनदेखा किया और वह आज प्रदर्शन करने पर मजबूर हुए.

एक स्थानीय निवासी ने कहा, "हमें 52 घरों के लिए एक ट्रांसफार्मर है. हम पिछले साल इसके पास आये इसकी मरमत के लिए. बिजली विभाग ने कहा जिला कमिश्नर फंड्स रिलीज़ करेगा और हम इसके पास गए. मगर आज तक कोई हल नहीं निकाला. हालाँकि यह हमारा पड़ोसी था हमें उम्मीद इससे थी. इसने अपने गांवों को 5 ट्रांसफार्मर दिए. बिजली वाले कहते हैं हमारे पास फंड्स नहीं है अब सरकार से ही उम्मीद है."    

प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन के दौरान "गवर्नर साहिब ज़िंदाबाद" के नारे लगाते हुए, राज्यपाल से गुहार लगाई और राज्पाल के नोटिस में बात आते ही राज्पाल ऑफिस ने कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर को निर्देश जारी किये कि इस गावों के लोगों की समस्या को 24 घण्टों के भीतर हल किया जाए. जिसपर कश्मीर डिविजनल कमशीनर दफ्तर तेज़ी से अमल कर रहा है. उम्मीद की जा रही है कि राज्यपाल के हस्तक्षेप के बाद गावों वालों को तुरंत राहत मिलेगी.