अनंतनाग में 3 चरणों में पड़ेंगे वोट, पहले चरण के लिए मंगलवार को वोट‍िंग

अनंतनाग जिले में 5,29,256 मतदाता हैं, जिनमें 2,69,603 पुरुष, 2,57,540 महिलाएं, और 11 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं. मतदान के लिए ECI ने क्षेत्र में 714 मतदान केंद्र स्थापित किए हैं और पहले चरण में अनंतनाग में 300 मतदान केंद्र होंगे.

अनंतनाग में 3 चरणों में पड़ेंगे वोट, पहले चरण के लिए मंगलवार को वोट‍िंग
अनंतनाग में महबूबा मुफ्ती पीडीपी की उम्‍मीदवार हैं. फाइल फोटो

श्रीनगर: 23 अप्रैल को सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक अनंतनाग संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के लिए तीन चरणों में पहले चरण का मतदान हो रहा है. यह जिला 6 विधानसभा क्षेत्रों में फैला हुआ है, जिसमें अनंतनाग, डूरु, कोकेरनाग, शेंगस, बिजबेहरा और पहलगाम शामिल हैं. इस जिले में 5,29,256 मतदाता हैं, जिनमें 2,69,603 पुरुष, 2,57,540 महिलाएं, और 11 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं. मतदान के लिए ECI ने क्षेत्र में 714 मतदान केंद्र स्थापित किए हैं और पहले चरण में अनंतनाग में 300 मतदान केंद्र होंगे.

जिन विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव हो रहा है, उनमें कोकेरनाग विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 93,874 मतदाता हैं, जबकि डोरू में सबसे कम 79,029 मतदाता हैं. बिजबेहड़ा के विधानसभा क्षेत्र में 93,516 मतदाता, शांगस 89,405 मतदाता, पहलगाम 86,735 और अनंतनाग 86,699 मतदाता हैं.

मैदान में राज्य की दिग्गज नेता और पूर्व मुख्य्मंत्री जम्मू कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अधियक्ष महबूबा मुफ्ती सहित ,जम्मू कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के जस्टिस हसनैन मसूद, भारतीय जनता पार्टी की सोफी यूसुफ, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के गुलाम अहमद मीर, जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी के निसार अहमद वानी, जम्मू कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के ज़फ़र अली, मानव रचना पार्टी के संजय कुमार धर, प्रगतिशील  समाजवादी पार्टी (लोहिया) के सुरिंदर सिंह और निर्दलीय उम्‍मीदवार इम्तियाज अहमद राथर, रिद्वाना सनम, रियाज अहमद भट, जुबैर मसूद, शम्स ख्वाजा, अली मोहम्मद वानी, गुलाम मोहम्मद वानी, कासिर अहमद शेख, मंजूर अहमद खान और मिर्जा सज्जाद हुसैन बेग हैं.

इस संसदीय क्षेत्र में मुकाबला त्र‍िकोणीय है. पीडीपी अध्‍यक्ष महबूबा मुफ़्ती, कांग्रेस के गुलाम अहमद मीर और एनसी के जस्टिस हसनैन मसूद के बीच कांटे की टक्‍कर है. महबूबा मुफ़्ती का सियासी मुस्तकबिल इस क्षेत्र पर निर्भर करता है क्‍योंकि भाजपा के साथ पिछली सरकार में शामिल रहने के कारण पीडीपी दल, जिनका दक्षिणी कश्मीर गढ़ रहा है. हालांकि इस चुनाव में उनकी स्‍थ‍िति कमज़ोर है और उनकी चुनावी सभाओं में भी भीड़ नहीं दिखी है.

कांग्रेस के दिग्गज नेता गुलाम नबी आज़ाद भी अपने प्रत्याशी के लिए चुनाव प्रचार में शामिल हुए. कांग्रेस को उम्मीद है पिछले पांच सालों लोग जिस तरह सरकार से नाराज़ रहे उसका फ़ायदा उनको मिलेगा. वहीं पीडीपी मानती है कि यहाँ के लोग चुनावों को समझते है और सही फैसला करेंगे. तो एनसी कहती है पीडीपी से लोग नाराज़ है तो कांग्रेस को छोटे छोटे फैसले करने के लिए दिली की इजाज़त लेनी पड़ती है इसलिए लोग एनसी को मौका देंगे.

पीडीपी अध्‍यक्ष महबूबा मुफ़्ती कहती हैं "यह पहली बार नहीं है जब हम अनंतनाग से चुनाव लड़ रहे हैं. यहाँ के लोग अकलमंद हैं और चुनाव को समझते हैं. पहली की तरह चुनाव अच्छे होंगे."

 यहां सुरक्षा कारणों से 2017 में उपचुनाव स्थागित करने पड़े थे. आज भी सुरक्षा व्‍यवस्‍था बड़ी चुनौती है. यही कारण है कि ECI ने इस एक संसदीय क्षेत्र के लिए तीन चरणों में चुनाव करने निर्णय लिया. पहले चरण में अनातनाग, दूसरे चरण में कुलगाम और तीसरे चरण में पुलवामा और शोपियां में चुनाव होंगे.  

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अनंतनाग, कुलगाम, पुलवामा और शोपियां के चार जिलों में फैले इस क्षेत्र में सुरक्षा बलों की 300 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की जाएंगी. अकेले अनंतनाग जिले में 300 से अधिक मतदान केंद्र होंगे, जहाँ मंगलवार को चुनाव हो रहे हैं, और सुरक्षा के पूरे प्रबंध किए गए हैं. अनंतनाग लोकसभा सीट पर मतदान तीन चरणों में 23 अप्रैल, 29 अप्रैल और 6 मई को होगा.

अनंतनाग लोकसभा सीट पर 90% मतदान केंद्र "हाइपरसेंसेटिव" हैं, जबकि शेष 10% "संवेदनशील" श्रेणी में आते हैं. बता दें कि पिछले संसदीय चुनावों में, यहाँ से महबूबा मुफ्ती सांसद थीं. उन्होंने तब के एनसी के उम्मीदवार महबूब बेग को 65,417 वोटों से हराया था, जो बाद में पीडीपी में शामिल हो गए. महबूबा के इस्तीफा देने के बाद जून 2016 में सीट खाली हो गई, तब से दक्षिण कश्मीर में अस्थिर स्थिति के कारण उपचुनाव नहीं हो सके और यह क्षेत्र खली रहा.