Breaking News
  • गुजरात के दो कांग्रेसी विधायकों ने राज्य की चार सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव से पहले इस्तीफा दिया
  • इस तरह गुजरात में कांग्रेस के सात विधायक अब तक इस्‍तीफा दे चुके हैं

दुर्लभ संयोग: दुनिया ने एक साथ किया ब्लू, ब्लड और सुपर मून का दीदार

चांद जब अपनी कक्षा में पृथ्वी से सबसे नजदीक होता है तो सामान्य से 10 फीसदी ज्यादा बड़ा दिखता है. इसे सुपरमून कहते हैं.

दुर्लभ संयोग: दुनिया ने एक साथ किया ब्लू, ब्लड और सुपर मून का दीदार
चंद्रग्रहण के दौरान चांद लाल दिखता है जिसे ब्लड मून अर्थात रक्तिम चांद कहा जाता है. (Twitter Photo/31 Jan, 2018)

नई दिल्ली: दुनियाभर में चंद्रग्रहण शाम 4.21 बजे शुरू हुआ जब चांद ने पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश किया. 6.21 बजे पृथ्वी की छाया चांद पर आई और अंधेरा छा गया. 7.37 बजे से रक्तिम चांद (Blood Moon) दिखना शुरू हुआ. रात 9.38 बजे चंद्रग्रहण समाप्त हो जाएगा जब चांद धरती की छाया से निकल जाएगा. चंद्रग्रहण के दौरान चांद लाल दिखता है जिसे ब्लड मून अर्थात रक्तिम चांद कहा जाता है. चांद जब अपनी कक्षा में पृथ्वी से सबसे नजदीक होता है तो सामान्य से 10 फीसदी ज्यादा बड़ा दिखता है. इसे सुपरमून कहते हैं और पूर्णमासी का चांद ब्ल्यूमून यानी नीला चांद कहलाता है. इस तरह यह सुपर ब्ल्यूमून जनवरी 2018 में दूसरी बार दिखेगा, इससे पहले लोगों ने दो जनवरी को इसका दीदार किया था.

बेंगलुरु के नेहरू ताराघर के निदेशक प्रमोद जी. गलगली ने कहा, "इस चंद्रग्रहण की खासियत है कि इस बार चांद आकार में सामान्य से बड़ा दिखेगा और इस महीने की दूसरी पूर्णमासी का यह नीला चांद और रक्तिम चांद (चंद्रग्रहण के दौरान दिखने वाला चांद) सब एक साथ इत्तिफाकन होगा. निदेशक ने कहा कि नंगी आंखों से भी चंद्रग्रहण देखना बिल्कुल सुरक्षित है. इससे पहले ऐसा चंद्रग्रहण 1982 में दिखा था जब नीला चांद और पूर्ण चंद्रग्रहण एक साथ भारत में दिखा है.

सुपरमून एक आकाशीय घटना है जिसमें चांद अपनी कक्षा में धरती के सबसे निकट होता है और संपूर्ण चांद का स्पष्ट रूप से अवलोकन किया जा सकता है.
31 जनवरी को होने वाली पूर्णिमा की तीन खासियत है.

पहली यह कि यह सुपरमून की एक श्रंखला में तीसरा अवसर है जब चांद धरती के निकटतम दूरी पर होगा.
दूसरी यह कि इस दिन चांद सामान्य से 14 फीसदा ज्यादा चमकीला दिखेगा.
तीसरी बात यह कि एक ही महीने में दो बार पूर्णिमा होगी, ऐसी घटना आमतौर पर ढाई साल बाद होती है.

सीधे आंखों से नहीं देखना चाहते हैं चंद्रग्रहण, तो यहां देखें LIVE

सूपर ब्लू मून धरती की छाया से गुजरेगी और प्रेक्षकों को पूर्ण चंद्रग्रहण दिखेगा. नासा के प्रोग्राम एग्जिक्यूटिव व लूनर ब्लागर गॉर्डन ने नासा की ओर से जारी एक बयान में कहा कि चांद जब धरती की छाया में रहेगा तो इसकी आभा रक्तिम हो जाएगी जिसे रक्तिम चंद्र या लाल चांद कहते हैं.

पूरे उत्तरी अमेरिका, प्रशांत क्षेत्र से लेकर पूर्वी एशिया में इस दिन पूर्ण चंद्रग्रहण दिखेगा. अमेरिका, अलास्का, हवाई द्वीप के लोग 31 जनवरी को सूर्योदय से पहले चंद्र ग्रहण देख पाएंगे जबकि मध्य पूर्व के देश समेत एशिया, रूस के पूर्वी भाग, आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में सुपर ब्लू ब्लडमून 31 जनवरी को सुबह चंद्रोदय के दौरान लोग देख पाएंगे.

दिसंबर में हुई पूर्णमासी के चांद को कोल्ड मून कहा जाता है और 2017 में यह पहला सुपरमून था जिसका लोगों ने दीदार किया. चांद का आकार सामान्य से सात फीसदी बड़ा लग रहा था और यह सामान्य से 15 फीसदी ज्यादा चमकीला था.