Goa Fire Case Latest News in Hindi: गोवा के नाइट क्लब अग्निकांड की जांच में बड़ी जानकारी सामने आई है. पता चला है कि क्लब के मालिक लूथरा ब्रदर्स यानी सौरव और गौरव लूथरा ने दिल्ली के एक ही पते से करीब 42 कंपनियां रजिस्टर्ड की थीं.
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Luthra Brothers Shell Companies News: गोवा के प्रसिद्ध नाइट क्लब बर्च बाय रोमियो लेन में 6 दिसंबर को हुई भीषण आग की जांच में एक और बड़ा खुलासा सामने आया है. जांच के दौरान पुलिस को आरोपितों से बरामद दस्तावेज़ों से पता चला है कि लूथरा ब्रदर्स नामक कारोबार समूह कुल 42 अलग-अलग कंपनियों और एलएलपी से जुड़ा हुआ है, जिनमें से अधिकांश का कोई वास्तविक व्यापार नहीं है और न ही किसी तरह का उत्पादन या सेवा चलती है. ये कंपनियां केवल नाम मात्र की दिखती हैं, यानी शेल कंपनियों के रूप में संचालित थीं.
दिल्ली के इस पते से रजिस्टर्ड हुई कंपनियां
जांच में सामने आया है कि इन 42 कंपनियों में से ज़्यादातर का पंजीकरण दिल्ली के एक ही पते यानी 2590, ग्राउंड फ़्लोर, हडसन लाइन, नॉर्थ वेस्ट दिल्ली पर हुआ है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आमतौर पर एक ही पते पर इतनी सारी कंपनियां तभी रजिस्टर्ड करवाई जाती हैं, जब बेनामी लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गलत काम किए जा रहे हों. जांच अधिकारी मान रहे हैं कि ये शेल कंपनियां वास्तविक कारोबार के बजाय केवल ब्लैक मनी को व्हाइट करने के लिए चलाई जा रही हैं.
थाईलैंड में आउटलेट की बात निकली झूठी
इसके साथ ही एक और दावा भी जांच में फेल हो गया है. लूथरा ब्रदर्स की कंपनियों ने अपने प्रचार में बताया था कि उनका एक आउटलेट थाईलैंड के फुकेट में भी है. लेकिन पुलिस की पड़ताल में न वहां कोई आउटलेट मिला और न कोई बिजेस सेंटर. यानी फुकेट वाली बात भी बस कागजपूर्ति के लिए लिखी गई थी.
कहीं भ्रष्ट कारोबारियों का सिंडिकेट तो नहीं?
जांच अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में कंपनियां बनाना और सभी को एक ही पते पर दर्ज कराना किसी बड़े घोटाले की ओर इशारा करता है. सवाल उठ रहा है कि ये कंपनियां किस मकसद से बनाई गईं और इनके जरिए क्या-क्या लेनदेन हुआ. अब पुलिस अपनी जांच आगे बढ़ाते हुए इनके बैंक रिकॉर्ड, निवेश और लेनदेन की परतें खंगाल रही है.
लूथरा ब्रदर्स के पास कहां से आ रहा था फंड?
जांच टीम का कहना है कि यह सिर्फ एक क्लब हादसे की कहानी नहीं है. इसके पीछे एक बड़ा भ्रष्ट कारोबारी नेटवर्क है, जिसकी परतें अब धीरे-धीरे खुल रही हैं. पुलिस अब इन कंपनियों की असली भूमिका और इनके फंडिंग सोर्स के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है. गोवा नाइट क्लब अग्निकांड में पहले सवाल फायर सेफ्टी और नियमों की अनदेखी पर उठ रहे थे. लेकिन अब मामला कंपनियों के जाल और पैसों की आवाजाही तक पहुंच गया है. ऐसे में पुलिस अधिकारी भी असमंजस में हैं कि कितना आगे तक बढ़ें.
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तीसरे आरोपी अजय गुप्ता को 7 दिन की पुलिस हिरासत
गोवा के बर्च बाय रोमियो लेन क्लब में लगी आग के मामले में गिरफ्तार तीसरे साझेदार अजय गुप्ता को अदालत ने 7 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. अजय गुप्ता को दिल्ली से गिरफ्तार कर 10 दिसंबर की रात गोवा लाया गया था. अगली सुबह उन्हें मापुसा की अदालत में पेश किया गया, जहां पुलिस ने आगे की जांच के लिए रिमांड मांगी.