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MP: बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व में हुई 2 बाघों की मौत, अधिकारी नहीं दे पा रहे कोई जवाब

 बाघों के लिए मशहूर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन अपने पार्क एरिया के कल्लवाह रेंज में हुई दो बाघो के मौत होने की जानकारी छिपा रहा था.

MP: बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व में हुई 2 बाघों की मौत, अधिकारी नहीं दे पा रहे कोई जवाब
बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व में किसी भी घटना की जानकारी प्रबंधन द्वारा नही दी जाती और मामले में लीपापोती कर दी जाती है

भोपाल: टाईगर स्टेट का दर्जा मिलते ही बांधवगढ़ में बाघों की मौत का सिलसिला शुरू हो गया है. सोमवार को ही दो बाघों की मौत के बाद अब तीसरे बाघ की हालत गंभीर होने और चौथे बाघ टी-33 की तलाश की जा रही है. वन विभाग चार हाथियों की मदद से हमलावर बाघ टी-33 की तलाश कर रहा है.

मध्यप्रदेश को टाइगर स्टेट का दर्जा मिलने की खुशी प्रदेशवासी मना रहे हैं. वहीं, बाघों के लिए मशहूर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन अपने पार्क एरिया के कल्लवाह रेंज में हुई दो बाघो के मौत होने की जानकारी छिपा रहा था. बाघों की मौत की सुगबुगाहट और मजबूत सूचना तंत्र के आधार पर मीडिया ने जब प्रबंधन से बाघों की मौत की जानकारी चाही तो वे जानकारी देने से बचते नजर आए.

 

बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व में किसी भी घटना की जानकारी प्रबंधन द्वारा नही दी जाती और मामले में लीपापोती कर दी जाती है. हालांकि, यह कोई पहला मामला नही है. इससे पहले भी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में कई बाघ काल के गाल में समा गए और पार्क प्रबंधन हमेशा सतत मानिटरिंग की दुहाई देता रहा है. अगर सही मायने पर मॉनिटिरिंग की गई होती तो आज चार दिन पुराना बाघ शावक जंगल के पेट्रोलिंग रास्ते पर न मिलता.