कवर्धा में 9 महीने में 500 बच्चों की मौत!

छत्तीसगढ़ के कवर्धा में पिछले 9 महीने में 500 शिशुओं की मौत के बाद से हड़कंप मचा हुआ है, ये आंकड़ा खुद स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया है, पढ़िए पूरी ख़बर। 

कवर्धा में 9 महीने में 500 बच्चों की मौत!

कवर्धा: छत्तीसगढ़ के कवर्धा में पिछले 9 महीने में 500 शिशुओं की मौत हुई है, ये आंकड़े ख़ुद स्वास्थ्य विभाग ने दिए हैं।

मरने वाले शिशुओं में 95 फ़ीसदी बैगा जनजाति के आदिवासी हैं, इसलिए स्वास्थ्य विभाग अब रणनीति बनाने में जुट गया है। 

लेकिन इन आंकड़ों को देखकर कहा जा सकता है, कि कवर्धा ज़िले में शिशु मृत्युदर पर लगाम नहीं लग पा रही है।

ज़्यादातर शिशुओं की मौत आदिवासी बाहुल्य इलाकों में जन्म से लेकर 7 दिनों के अंदर हुई है। 

बीते साल में अप्रैल से लेकर दिसम्बर के बीच ही ज़िले के आदिवासी बाहुल्य पण्डरिया विकासखंड में 150 बच्चों ने दम तोड़ दिया जबकि बोडला विकासखंड मे 149 शिशु मौत के मुंह में समा गए। 

कवर्धा ज़िले में 173 शासकीय स्वास्थ्य केन्द्र हैं लेकिन पिछले नौ माह में 500 शिशुओं की मौत हुई, जहां सरकारी अस्पताल में शिशुओं की मृत्यु 90 फ़ीसदी से अधिक है।

ऐसा इसलिए है कि ज़िला अस्पताल के अलावा अन्य स्वास्थ्य केन्द्रों में नवजात के इलाज के लिए कोई सुविधा नहीं है।

स्वास्थ्य विभाग की मानें तो सुदुर सुविधा विहिन इलाकों में गर्भवती महिलाओं में निमोनिया, रक्त अल्पता, कुपोषण, शारीरिक कमज़ोरी के चलते कमज़ोर शिशुओं का जन्म हो रहा है नतीजा शिशुओं की मौत हो जाती है। 

अब स्वास्थ्य विभाग कार्ययोजना बनाकर गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य और नवजात शिशुओं की देखभाल पर विशेष ध्यान देने की बात कह रहा है।