राजनीति का अजीत चला गया: पढ़िए 6 किस्से जो बयां करते हैं कि कैसे जोगी राजनीति में अजीत हुए

आइए आपको बताते हैं कैसे उन्होंने ब्यूरोक्रेसी से लेकर सीएम तक का सफर पूरा किया. फिर अलग पार्टी बनाई. छत्तीसगढ़ की जनता के चहेते बने. राजीव गांधी का कॉल आना, दिग्विजय सिंह से दोस्ती और दुश्मनी और अर्जुन की शह पर कैसे उन्होंने बुलंदियों को छुआ. 

राजनीति का अजीत चला गया: पढ़िए 6 किस्से जो बयां करते हैं कि कैसे जोगी राजनीति में अजीत हुए

रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य के पहले मुख्यमंत्री का 74 वर्ष में निधन हो गया. उन्होंने 29 मई को आखिरी सांस ली. अजीत जोगी एक सफल अधिकारी, राजनेता रहे. आइए आपको बताते हैं कैसे उन्होंने ब्यूरोक्रेसी से लेकर सीएम तक का सफर पूरा किया. फिर अलग पार्टी बनाई. छत्तीसगढ़ की जनता के चहेते बने. राजीव गांधी का कॉल आना, दिग्विजय सिंह से दोस्ती और दुश्मनी और अर्जुन की शह पर कैसे उन्होंने बुलंदियों को छुआ. 

अजीत जोगी का जन्म 29 अप्रैल 1946 को बिलासपुर के पेंड्रा में हुआ था. अजीत जोगी मैकेनिकल इंजीनियरिंग में गोल्ड मेडलिस्ट थे. पहले जोगी IPS बने और उसके दो साल बाद IAS क्लियर कर लिया था. छत्तीसगढ़ के गठन के बाद अजीत जोगी सूबे के पहले मुख्यमंत्री बने. आगे पढ़िए- ब्यूरोक्रेसी में कलेक्टर से लेकर राजनीति के 'अजीत' तक, जानिए जोगी की कहानी

अजीत की राजनीति में एट्री भी एकदम फिल्मी अंदाज में हुई थी. अजीत जोगी के कांग्रेस खानदान से रिश्ते जगजाहिर थे. उसमें भी वे राजीव गांधी के चहेते अफसरों में थे. यह भी एक द‍िलचस्‍प क‍िस्‍सा है. 
जानिए...जब राजीव गांधी के कहने पर कलेक्टरी छोड़ नेता बने अजीत जोगी

कहते हैं सियासत में न कोई दोस्त होता है और न ही दुश्मन. राजनीतिक महत्वाकांक्षा में दोस्त कब दुश्मन बन जाए और दुश्मन कब दोस्त बन जाए पता ही नहीं चलता. कुछ ऐसी ही कहानी अजीत जोगी और दिग्विजय सिंह के बीच की है.
पढ़िए, जोगी और दिग्विजय कैसे बन गए एक-दूसरे के सियासी दुश्मन?

छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम अजीत जोगी अक्सर अपनी निजी जिंदगी की वजह से सुर्खियों में रहे थे. अजीत जोगी जब छत्तीसगढ़ के CM बने तो उन्होंने इंदौर में अपनी बेटी अनुषा का शव कब्र से निकाला था. कहानी बहुत ही दिलचस्प है.
पढ़िए- CM बनते ही अजीत जोगी ने खोदी थी खुद की बेटी की कब्र, जानें क्या थी वजह

छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री रहे अजीत जोगी का राजनीतिक सफर बेहद दिलचस्प रहा है. उनकी मेहनत ने उन्हें डीएम से सीएम की कुर्सी तक पहुंचाया. लेकिन जोगी के सीएम बनने के सफर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की भविष्यवाणी की भी अहम भूमिका रही है....इस भविष्यवाणी ने बदली जोगी की जिंदगी !

अजीत जोगी को कांग्रेस ही राजनीति में लेकर आई थी. फिर इसी पार्टी से उनका मोहभंग हुआ और उन्होंने अलग पार्टी भी बना ली. इन सबकी वजह सिर्फ एक स्टिंग ऑपरेशन था, जिसने जोगी और कांग्रेस के बीच खाई का काम कर दिया था. पढ़िए- कैसे एक स्टिंग ऑपरेशन ने जोगी की कांग्रेस से नजदीकियों को बदल दिया दूरियों में?

और अंत में पढ़िए कि जब किसी बच्चे के सिर से पिता का साया छिन जाता है तो उस पर क्या बीतती है. हम बात कर रहे हैं अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी की. वो अपने पिता के साथ साये की तरह साथ रहे. पढ़िए पिता की मौत पर उन्होंने क्या कहा?अजीत जोगी के निधन पर बेटे ने कहा- मेरे साथ छत्तीसगढ़ ने भी अपना पिता खो दिया