झाबुआ के 73 वर्षीय रिटायर्ड शिक्षक ने गुजरात में जीते 2 गोल्ड मैडल, सेहत के प्रति युवाओं को कर रहे जागरूक

 सेवानिवृत्त शिक्षक (Retired Teacher) सरदार सिंह ने हाल ही में गुजरात (Gujarat) राज्य में हुए स्टेट एथलेटिक्स स्पोर्ट (State athletics sport) में गोला फेंक और भाला फेंक स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता है. 

झाबुआ के 73 वर्षीय रिटायर्ड शिक्षक ने गुजरात में जीते 2 गोल्ड मैडल, सेहत के प्रति युवाओं को कर रहे जागरूक
मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के रहने वाले हैं सरदार सिंह चौहान

सचिन जोशी, झाबुआ: इरादे मजबूत हों तो उम्र के किसी भी पड़ाव में कामयाबी का सोना (Gold) हासिल किया जा सकता है. ऐसे ही कामयाबी झाबुआ (Jhabua) के 73 वर्षीय सरदार सिंह चौहान (Sardar Singh Chouhan) ने हासिल की है. सेवानिवृत्त शिक्षक (Retired Teacher) सरदार सिंह ने हाल ही में गुजरात (Gujarat) राज्य में हुए स्टेट एथलेटिक्स स्पोर्ट (State athletics sport) में गोला फेंक और भाला फेंक स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता है. 73 वर्षीय सरदार सिंह चौहान (Sardar Singh Chauhan) कई स्पर्धाएं जीत चुके है. अलग-अलग स्थानों पर हुई प्रतियोगिताओं में सरदारसिंह चौहान अब तक 16 से अधिक पदक जीत चुके है. उन्हे इन उपलब्धियों के लिये कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है.  

नियमित एक्सरसाइज और योग है सेहत का राज
शिक्षक पद से रिटायर्ड हुए सरदार सिंह चौहान ने रिटायमेंट के बाद अपने आप को फीट रखने के लिये खेल का सहारा लिया. वे इस उम्र में अपनी सेहत और खेल के प्रति समर्पित है और नियमित योग और एक्सरसाइज़ से अपने आप को फीट रखते है. वे अपने आप को इच्छाशक्ति के बूत आज भी जवान ही मानते है. यही वजह है कि उनके साथी उन्हे दारासिंह के नाम से पुकारते है.

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युवाओं के लिए प्रेरणा बने सरदार सिंह
उम्र के इस पड़ाव में सरदारसिंह चौहान ने स्टेट एथलेटिक्स में गोल्ड हासिल कर यह साबित कर दिया है कि अगर मन में लगन हो तो उम्र के किसी भी पड़ाव पर व्यक्ति अपने सपनों को पूरा कर सकता है. सरदार सिंह चौहान नियमित योग (Yoga) और एक्सरसाइज़ को अपनी फिटनेस (Fitness) का राज बताते हैं. वे युवाओं से भी सेहत के प्रति जागरूक रहने की अपील करते रहे हैं. यही नहीं वे कई खिलाड़ियों को खेल के टिप्स देने का भी काम करते हैं.