होमवर्क न किए जाने से नाराज़ शिक्षिका ने दी ऐसी सजा, अस्पताल में कराना पड़ा भर्ती

जानकारी के मुताबिक छात्राओं के साथ शिक्षिका की मारपीट की ये पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी एक बार छात्राओं के साथ मारपीट में एक छात्रा का हाथ टूट गया था.

होमवर्क न किए जाने से नाराज़ शिक्षिका ने दी ऐसी सजा, अस्पताल में कराना पड़ा भर्ती
सजा के बाद छात्राओं का उठना-बैठना और चलना तक मुश्किल हो गया था.

टीकमगढ़: शिक्षिका की सजा से छात्राओं की तबियत बिगड़ने का मामला सामने आया है. अस्पताल में भर्ती छात्राओं से मारपीट के बाद कान पकड़कर उठक-बैठक कराए जाने की बात भी सामने आई है. बताया जा रहा है कि होमवर्क न किए जाने से नाराज़ शिक्षिका ने छात्राओं को इतनी कठोर सजा दी.

पूरा मामला मोहनगढ़ तहसील के शासकीय कस्तूरबा गांधी छात्रावास गोर गांव का है. जहां आरोप है कि होमवर्क न करने पर एक शिक्षिका इतनी नाराज़ हुई कि उन्होंने छात्राओं के साथ न केवल मारपीट की, बल्कि कान पकड़कर सैकड़ों उठक-बैठक भी लगवा दिए. बताया जा रहा है कि शिक्षिका की इस सजा से 8 छात्राओं की हालत इस कदर बिगड़ी कि सभी को अस्पताल पहुंचाना पड़ा. 

मिली जानकारी के मुताबिक सजा के तौर पर छात्राओं के साथ पहले मारपीट की गई और फिर हर छात्रा से 100-100 उठक-बैठक लगवाए गए. इतना ही नहीं शिक्षिका की ओर से छात्राओं को धमकाने की भी बात सामने आई है. बताया जा रहा है कि सजा के बाद छात्राओं का उठना-बैठना और चलना तक मुश्किल हो गया था. हालांकि, घटना की जानकारी लगते ही अन्य शिक्षक और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्राओं को डायल 100 व 108 की मदद से इलाज के लिए जिला अस्पताल टीकमगढ़ भेजा.

चौंका देने वाली बात सामने आई है कि छात्राओं के साथ शिक्षिका की मारपीट की ये पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी एक बार छात्राओं के साथ मारपीट में एक छात्रा का हाथ टूट गया था. वहीं, 8 छात्राओं को सजा के बाद अस्पताल में भर्ती कराने के मामले पर शासकीय विद्यालय के हेडमास्टर ने कहा कि मारपीट और खाने-पीने में लापरवाही की बात पहले भी आती रही हैं. जिनकी शिकायतें वरिष्ठ अधिकारियों को भेजीं गई हैं.