आजादी के 74 साल बाद भी अंधेरे की गुलामी में है छत्तीसगढ़ का यह गांव

जिले के अबूझमाड़ के ताड़नार का इलाका आजादी के दशकों बाद भी मूलभूत सुविधाओं से अछूता है. इस गांव में ना ही बिजली हैं, ना ही सड़क ,ना कोई स्वास्थ सुविधा हैं और ना ही पानी की कोई व्यवस्था है. यहां के लोगों के लिए मूलभूत सुविधा मानो किसी सपने से कम नही हैं.

आजादी के 74 साल बाद भी अंधेरे की गुलामी में है छत्तीसगढ़ का यह गांव
सांकेतिक तस्वीर.

नारायणपुर: जिले के अबूझमाड़ के ताड़नार का इलाका आजादी के दशकों बाद भी मूलभूत सुविधाओं से अछूता है. इस गांव में ना ही बिजली हैं, ना ही सड़क ,ना कोई स्वास्थ सुविधा हैं और ना ही पानी की कोई व्यवस्था है. यहां के लोगों के लिए मूलभूत सुविधा मानो किसी सपने से कम नही हैं. सचिव सरपंच का आश्वासन रोज इन्हें मिलता है.

पीने के पानी तक को तरसते ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि सबसे बड़ी विडंबना यह है कि पीने के पानी का सहारा सिर्फ और सिर्फ खेतों के झरिया या फिर बहती नदी का पानी ही है, जिससे वे अपनी प्यास बुझाते हैं और दिनचर्या के कामों के लिए उपयोग में लाते हैं.

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क्या है सरपंच का कहना?
गांव के सचिव सरपंच का कहना है कि गांव पहाड़ी पर बसा हुआ है यहां तक सड़क नही होने के कारण बोर गाड़ी नहीं आ पा रही है. सड़क का काम शुरू हो गया है, जल्द ही पानी की सुविधा मिलेगी. इस बात का आश्वासन तो दिया जा रहा है, लेकिन ये आश्वासन पूरा होगा या नहीं ये तो आने वाला समय ही बताएगा.