'पिता से कभी प्‍यार नहीं मिला, इसलिए सीरियल किलर बन गया': 33 लोगों के हत्‍यारे ने कहा

33 लोगों का बेहद बेरहमी से कत्‍ल करने वाले दर्जी आदेश खांबरा ने पुलिसिया पूछताछ में अपनी निजी जिंदगी के बारे में बताया.

'पिता से कभी प्‍यार नहीं मिला, इसलिए सीरियल किलर बन गया': 33 लोगों के हत्‍यारे ने कहा
सीरियल किलर आदेश खांबरा ने अपना अपराध स्‍वीकार करते हुए कहा है कि उसने 33 हत्‍याएं की हैं. (फाइल फोटो)
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भोपाल: 33 लोगों का बेहद बेरहमी से कत्‍ल करने वाले दर्जी आदेश खांबरा ने पुलिसिया पूछताछ में अपनी निजी जिंदगी के बारे में बताया कि दरअसल मैं ऐसा बेरहम हत्‍यारा इसलिए बना क्‍योंकि मुझे कभी किसी ने प्‍यार नहीं दिया. मेरे पिता ने कभी मुझे प्‍यार नहीं दिया. मेरी कभी किसी ने परवाह नहीं की. लिहाजा मैं अंर्तमुखी होता चला गया. मैं अंदर इतना गुस्‍सा भरा था कि मुझे इसका अहसास नहीं हुआ और शायद इसलिए मैं हिंसक, बेरहम हत्‍यारा बन गया.

द टाइम्‍स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक उसने बताया कि उसके पिता गुलाब खांबरा  सेना से नायब सूबेदार के पद पर रिटायर हुए थे और अपने सैन्‍य अनुशासन को घर पर भी लाए थे. इसका नतीजा यह हुआ कि बचपन में मुझे मामूली गलतियों की वजह से वह बुरी तरह पीटते थे.

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पुलिस के मुताबिक आदेश खांबरा के सीरियल किलर बनने में मनोवैज्ञानिक रूप से बचपन के इस सदमे की भूमिका हो सकती है लेकिन पुलिस हर कोण से मामले की जांच कर रही है क्‍योंकि पुलिस का मानना है कि वह बेहद शातिर दिमाग का अपराधी है. ऐसा इसलिए क्‍योंकि वह जिन लोगों की हत्‍या करता था, उनसे पहले बेहद दोस्‍ताना संबंध बनाकर घुल-मिल जाता था. वह अक्‍सर ट्रक ड्राइवरों और क्‍लीनरों को अपना शिकार बनाता था. उसकी सनक का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक बार अपराध करने के बाद जब उसके सहयोगी ने खांबरा से पूछा कि वह इन लोगों को क्‍यों मारता है तो उसने कहा था कि इन ट्रक ड्राइवरों की जिंदगी बेहद कष्‍टों से भरी है और मुस्‍कुराते हुए बोला था कि वह इनको मुक्ति दे रहा है.

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पुलिसिया जांच के मुताबिक आदेश खांबरा बचपन से ही काफी सनकी प्रवृत्ति का व्यक्ति रहा है.(प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

मां के निधन के बाद पिता ने घर से निकाला
सीरियल किलिंग के आरोप में गिरफ्तार आदेश खांबरा महाराष्ट्र के पुलिसकर्मियों पर भी जानलेवा हमला कर चुका है. वह बचपन से ही काफी सनकी प्रवृत्ति का व्यक्ति रहा है. जानकारी के मुताबिक खांबरा की मां का निधन बचपन में ही हो गया था. जिसके बाद उसके पिता ने उसे मंडीदीप स्थित रिश्तेदारों के यहां भेज दिया. यहां खांबरा को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. ऐसे में वह दर्जी का काम सीखकर अपना पेट भरने लगा, लेकिन मामला सही नहीं बैठने पर उसने टेलरिंग का काम छोड़ दिया और महाराष्ट्र के भंडारा चला आया और वहां जाकर टेलरिंग का काम शुरू किया.

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पुलिस पर हमला
महाराष्ट्र में खांबरा को कुछ गुंडे परेशान करते थे. ऐसे में खांबरा ने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने गुंडों के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया, इससे गुस्साए खांबरा ने महाराष्ट्र में पुलिसकर्मियों पर ही हमला कर दिया. उसके मुताबिक पुलिस गुंडों से मिली हुई थी, इसीलिए उसकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हुई. बता दें खांबरा पर मध्यप्रदेश के अलावा महाराष्ट्र में भी कई हत्याओं के आरोप दर्ज हैं. खांबरा ने अब तक करीब 33 हत्याओं का जुर्म कुबूल किया है. वहीं पुलिस के मुताबिक यह आंकड़ा अभी और भी बढ़ सकता है. पहले यह कहा जा रहा था कि उसने 2010 से ये अपराध करने शुरू किए लेकिन पुलिस को पूछताछ में पता चल रहा है कि 2005-06 में भी उसने अपराध किए थे.

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सीरियल किलर आदेश खांबरा को भोपाल पुलिस ने जीपीएस की मदद से पकड़ा है.(प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

कैसे पकड़ा गया सीरियल किलर
मिली जानकारी के मुताबिक भोपाल के मिसरोद में ड्राइवर की हत्या और ट्रक लूटने के आरोप में गिरफ्तार सीरियल किलर आदेश खांबरा को भोपाल पुलिस ने जीपीएस की मदद से पकड़ा है. दरअसल, खांबरा ने जिस ट्रक को लूटा था उसमें ट्रक के मालिक ने जीपीएस लगवा रखा था और इसीलिए आरोपी की जानकारी पल-प्रतिपल पुलिस को मिल रही थी. वहीं खांबरा की एक गलती की वजह से न सिर्फ वह बल्कि पूरा का पूरा गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ गया. जानकारी के मुताबिक होशंगाबाद के एक ट्रांसपोर्ट व्यापारी मनोज शर्मा ने ट्रक (MH 18 BA- 3560) ड्राइवर जयकरण प्रजापति के साथ पूना के लिए भेजा था, लेकिन ट्रक में लदा सामान गंतव्य स्थान तक पहुंचने के बाद वापसी में ड्राइवर के न पहुंचने पर मनोज शर्मा ने इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई जिसके बाद ट्रक की खोज शुरू की गई.

जयकरण का कोई आईडी नहीं
मनोज के मुताबिक उसने जयकरण को ट्रक सिर्फ उसके मोबाइल नंबर के आधार पर दिया था, मनोज के पास न तो जयकरण का कोई आईडी प्रूफ था और न ही उसकी पहचान के लिए उससे जुड़े दस्तावेज. ऐसे में मनोज ने बार-बार जयकरण से उसके फोन पर कॉल कर उससे बात करने की कोशिश की. जयकरण के फोन उठाने पर पहले तो उसने मनोज को पहचानने से ही इनकार कर दिया, लेकिन बाद में उसे गुमराह करने लगा. जिसके बाद मनोज ने मिसरोद पुलिस थाना पहुंचकर इसकी शिकायत दर्ज कराई. उसके बाद जांच करने पर आदेश समेत पूरे गिरोह का भंडाफोड़ हुआ. उसके बाद आदेश ने दिल-दहला देने वाले खुलासे किए.

ऐसे कुबूली हत्याओं की बात
जानकारी के मुताबिक पहले तो खांबरा ने कुछ भी नहीं कहा, लेकिन बहुत डराने के बाद उसने सभी हत्याओं का जुर्म कुबूल कर लिया. पूछताछ के दौरान पुलिस ने खांबरा से कहा कि 'तुम्हे क्या लगता है, एक साल में तुम्हारे बेटे का चार बार एक्सीडेंट कैसे हो गया. जिन लोगों को तुमने मारा है, जिनकी हत्या की है, उन सभी की आत्माएं तुम्हारे खिलाफ हो गई हैं. जैसे तुमने उन्हें मारकर उनके परिवार को दुख दिया है, वैसे ही वह तुम्हारे परिवार को तकलीफ दे रहे हैं. तुमने जो किया है उसकी सजा तुम्हारे पूरे परिवार को भुगतनी पड़ेगी.' बेटे के एक्सीडेंट की बात सुनने पर खांबरा टूट गया और उसने हत्याओं की बात कुबूल कर ली.