अनाज उत्पादन में छत्तीसगढ़ को मिला पुरस्कार, कृषि उत्पादों में 28 फीसदी का इजाफा

छत्तीसगढ़ में अनाज का उत्पादन दोगुना और उत्पादकता ढाई गुना तक बढ़ गई है. वर्ष 2003-04 से वर्ष 2013-14 के बीच छत्तीसगढ़ में चावल उत्पादन में 39 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई.

अनाज उत्पादन में छत्तीसगढ़ को मिला पुरस्कार, कृषि उत्पादों में 28 फीसदी का इजाफा
अनाज उत्पादन में अच्छी वृद्धि करने के लिए छत्तीसगढ़ को सम्मानित किया गया.

नई दिल्ली : छत्तीसगढ़ को देश में अनाज पैदावार में सबसे अव्वल राज्य का पुरस्कार मिला हैं. छत्तीसगढ़ को यह पुरस्कार पिछली अधिकतम पैदावार के मुकाबले 28.68 प्रतिशत वृध्दि के लिये दिया गया हैं. छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने नई दिल्ली में समारोह में केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह से यह पुरस्कार प्राप्त किया. 

इस मौके पर कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने छत्तीसगढ़ की सराहना करते हुए यहां की कृषि में प्रगति को अन्य राज्यों के लिए प्रेरणादायक बताया. उन्होंने कहा कि अगर सभी राज्यों में इसी तरह का उत्पादन होता रहा तो हम तय समय से पहले ही किसानों की आमदनी को दोगुना करने का लक्ष्य हासिल कर सकते हैं.

छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि धान की बेहतर और उच्च गुणवत्ता की किस्म पर जोर देने, मक्के की बेहतर उपज और राज्य में सिंचाई संसाधनों के त्वरित विकास से छत्तीसगढ़ को यह सफलता हासिल हुई है. उन्होंने बताया की राज्य गठन के बाद छत्तीसगढ़ में अनाज का उत्पादन दोगुना और उत्पादकता ढाई गुना तक बढ़ गई है. वर्ष 2003-04 से वर्ष 2013-14 के बीच छत्तीसगढ़ में चावल उत्पादन में 39 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि इसी अवधि में चावल उत्पादन में राष्ट्रीय स्तर पर दो प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.

छत्तीसगढ़ में वर्ष 2016-17 में छत्तीसगढ़ में खाद्यान उत्पादन 9.32 लाख टन रहा, जो पिछले पांच साल के दौरान औसत पैदावार से करीब 2 लाख टन अधिक है. यानी पिछले 5 वर्षों की औसत उपज से यह बढ़ोत्तरी 26.68 प्रतिशत अधिक रही है. छत्तीसगढ़ मे कुल अनाज पैदावार में मक्का में भी खास वृद्धि दर्ज की गई. वर्ष 2015 में राज्य में मक्के की उपज 1.6 लाख टन हुई थी जो 2016 में बढ़कर 1.89 लाख टन हो गई. 

बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि खाद्यान उत्पादन के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों में चावल में 48 प्रतिंशत, गेहू में 148 प्रतिशत, कुल अनाज में 60 प्रतिशत, दलहन में 43 प्रतिशत, तिलहन में 158 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. उन्होंने बताया कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के अंतर्गत राज्य के लगभग 50 लाख किसानों को मृदा कार्ड बांटे जा चुके हैं.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों को जीरो प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है और प्रति वर्ष लगभग 4 हजार करोड़ रुपये का ऋण किसानों को उपलब्ध कराया गया है.

कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलवाने के लिए प्रदेश की 14 मंडियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम पोर्टल) से जोड़ा गया है. इस पोर्टल के माध्य से प्रतिवर्ष लगभग 300 करोड़ रुपये के कृषि उपज का क्रय-विक्रय हो रहा है. 

बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की आय 2022 तक दुगना करने का लक्ष्य दिया है, इस लक्ष्य को शीघ्रता से प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार प्रयास कर रही है. हम गांव, गरीब और किसानों के विकास के लिए सरकार पूरी निष्ठा के साथ काम कर रही है.