MP: शिवराज सरकार ने दिया था साधुओं को राज्यमंत्री का दर्जा, अब उठी टिकट की मांग

राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त कम्प्यूटर बाबा ने चुनाव लड़ने की मंशा जाहिर कर प्रदेश की राजनीति में नया रंग घोल दिया है. 

MP: शिवराज सरकार ने दिया था साधुओं को राज्यमंत्री का दर्जा, अब उठी टिकट की मांग
(फाइल फोटो)

भोपाल: प्रदेश की राजनीति में बाबाओं को राज्यमंत्री का दर्जा देने के बाद से ही राजनीति में उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे थे. ऐसे में राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त कम्प्यूटर बाबा ने चुनाव लड़ने की मंशा जाहिर कर प्रदेश की राजनीति में नया रंग घोल दिया है. आलम ये कि केवल रायसेन जिले में कम्प्यूटर बाबा सहित करीब आधा दर्जन संत बाबाओं ने चुनाव मैदान में उतरने का मन बना लिया है. वैसे तो यह धार्मिक संत बाबा कांग्रेस या बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहते हैं, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिलने पर ये निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में  चुनाव मैदान में नजर आ सकते हैं. 

निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ सकते हैं चुनाव 
कुछ दिन पहले कम्प्यूटर बाबा ने बेगमगंज आकर कहा था कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चाहेंगे तो मैं चुनाव जरूर लडूंगा. उनके इस बयान के बाद से प्रदेश की राजनीति में अब कई बाबाओं ने अपनी दावेदारी ठोक दी है. इसी क्रम में संत बजरंग दास बाबा मठाधीश ने उदयपुरा विधानसभा सीट के लिए बीजेपी से टिकट की दावेदारी की है. वहीं रविनाथ दास महेरी वालो ने भी उदयपुरा सीट से दावेदारी की हैं. जिले की सिलवानी सीट से संत महेंद्र प्रताप गिरी भी बीजेपी से टिकट मांग रहे हैं. टिकट न मिलने पर यह बाबा निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भी चुनाव लड़ने का मन बना रहे हैं. 

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कांग्रेस ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप 
विधानसभा चुनाव में BJP से इस बार कई साधु-संतों ने चुनाव लड़ने की तैयारी कर ली है. मध्यप्रदेश में पिछले कुछ माह पहले ही शिवराज सरकार ने पांच साधु-संतों को राज्यमंत्री का दर्जा दिया था. इसके बाद कई साधु-संत भी राजनीति में भाग्य आजमाने के मूड में हैं. कई संतों ने तो संकेत भी दे दिए हैं कि वे बीजेपी से चुनाव लड़ेंगे. पार्टी यदि टिकट नहीं देगी तो वे निर्दलीय ही मैदान में उतर जाएंगे. बीजेपी ने साधु संतों के टिकट मांगने पर कहा है कि पार्टी प्रत्याशी के जीतने के आधार पर टिकट देती है. दावेदारी करने का सबको अधिकार है. साधु संत भी उनमें से एक हैं, वही कांग्रेस ने कहा कि जो बीजेपी सरकार के घोटाले उजागर करने की बात करता है उसे पार्टी राज्यमंत्री का दर्जा दे देती है. अब टिकट भी दे देगी. 

संत समाज का दबाव है- कम्प्यूटर बाबा
राज्य मंत्री बनाए गए कम्प्यूटर बाबा ने राजनीति में आने के सवाल पर कहा कि समाज सेवा के लिए राजनीति में आया हूं. पार्टी को लेकर सवाल किया तो बाबा ने साफ कह दिया भारतीय जनता पार्टी से चुनाव लडूंगा. हम संतों की पार्टी भगवा है. बाबा का कहना है कि मध्य प्रदेश के संत  समाज का मेरे ऊपर दबाब है कि मैं चुनाव लडूं और मैं अपनी बात सरकार के सामने रखूंगा. टिकट नहीं मिलने पर बाबा का कहा है कि टिकट की बात रखूंगा आगे जैसा होगा देखा जाएगा. टिकट मिला तो कठिन से भी कठिन जगह से चुनाव लडूंगा.